काम बराबर, लेकिन भत्तों में विसंगति

डरोह (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश की पुलिस अकादमी डरोह में काम कर रहे प्रशिक्षक पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को कई वर्षों से प्रशिक्षक भत्तों से महरूम रहना पड़ रहा है। प्रदेश पुलिस विभाग ने वर्ष 2008 में प्रदेश के पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण देने के लिए धर्मशाला के सकोह में पुलिस अकादमी की स्थापना की थी। इस अकादमी में अधिकारी रैंक के पुलिस कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिए जाने का प्रावधान है। दो वर्ष तक अकादमी का काम सकोह में केवल कागजों में चलता रहा, लेकिन धरातल पर अकादमी के सभी काम पीटीसी डरोह में ही होते दिखाई दिए। वर्ष 2010 में सकोह से पुलिस अकादमी को पीटीसी डरोह शिफ्ट कर दिया गया और अब यह पुलिस अकादमी डरोह में ही काम कर रही है।
अकादमी में तैनात सारे स्टाफ को भी डरोह में तैनात कर दिया गया है। पीटीसी में प्रशिक्षण दे रहे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को वेतन के अलावा प्रशिक्षक भत्ते पुलिस विभाग की ओर से दिए जाते हैं, लेकिन अकादमी में काम करने वाले प्रशिक्षकों को यह भत्ते आज तक नहीं मिल सके हैं। अकादमी में तैनात लोगों का कहना है कि वे भी प्रशिक्षण का कार्य कर रहे हैं, लेकिन उनमें प्रशिक्षण भत्ते न मिलने से मायूसी है। उनका कहना है कि पीटीएस और पीटीसी में प्रशिक्षण भत्ता प्रशिक्षकों को मिलता है, लेकिन उन्हें इससे वंचित रखा जा रहा है। पुलिस विभाग के बड़े अधिकारी भी मानते हैं कि अकादमी के प्रशिक्षक स्टाफ को यह भत्ते मिलने चाहिए।
पीटीसी डरोह का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे आईजीएनआर राकेश अग्रवाल का कहना है कि पुलिस अकादमी के प्रशिक्षक स्टाफ का प्रशिक्षण भत्ते का मामला पुलिस मुख्यालय भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद ही प्रशिक्षकों को भत्ता दिया जाएगा।

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