
होली (चंबा)। होली क्षेत्र में निर्माणाधीन 160 मेगावाट की जल विद्युत परियोजना बजोली-होली की डैम साइट पर कार्यरत कामगारों ने मांगें पूरी न होने पर कंपनी के खिलाफ मोर्चा दिया है। मांगें पूरी न होने के रोष में कामगारों ने काम बंद कर दिया है। इसके अलावा कंपनी प्रबंधन को चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तक तक वे काम नहीं करेंगे। कामगार अशोक कुमार, मदन लाल, कुलदीप कुमार, कंचन, विनोद, संजय कुमार व रमेश ने बताया कि कं पनी में कार्यरत सैकड़ों मजदूरों को कंपनी प्रबंधन ने न तो आईकार्ड जारी किए हैं और न ही ज्वाइनिंग लेटर दिए हैं। यही नहीं कामगारों को पे स्लिप तक नहीं दी जाती है। लिहाजा यहां जान को जोखिम में डालकर काम कर रहे कामगारों के पास कंपनी के तहत काम करने का कोई सबूत तक नहीं है। ऐसे में अगर कोई हादसा हो जाता है, तो कामगारों को आर्थिक सहायता मिलना तो दूर उन्हें कपंनी अपना वर्कर मानने से इनकार कर सकती है। ऐसे में कामगारों के परिजनों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि वे करीब एक साल से प्रोजेेक्ट में काम कर रहे हैं, लेकिन आज तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कई बार कंपनी प्रबंधन को भी इस बारे में अवगत करवाया। इसके चलते कामगारों ने काम बंद रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि जब तक कंपनी प्रबंधन उन्हें पे स्लिप, आईकार्ड व ज्वाइनिंग लेटर जारी नहीं करता वह काम बंद रखेंगे। कंपनी के जीएम एचआर कपिलेश ने बताया कि मांगों पर विचार किया जा रहा है। साथ ही मंगलवार को इसका हल निकाल लिया जाएगा।
हादसे के बाद जागे
जीएमआर की न्याग्रां स्थित डैम साइट में हाल ही में बनाया गया डंगा गिरने से तीन दिन पहले एक मजदूर महिला की मौत हो गई है। यह महिला छत्तीसगढ़ की लेबर के साथ थी। इस महिला के परिजनों को मुआवजा देना तो दूर कंपनी ने उनका हाल तक नहीं पूछा है। महिला की मौत के बाद कामगारों ने काम बंद करने का निर्णय लिया है। कंपनी में कार्यरत कामगार पिछले एक साल से बिना ज्वाइनिंग लेटर व आईकार्ड के ही काम कर रहे थे, लेकिन इस हादसे के बाद उनकी आंखें खुल गई और उन्होंने काम बंद कर दिया है।
