
रामनगर। नेतागिरी की आदत रही है लॉ एंड आर्डर को ताक पर रखने या फिर खुद को कानून से बढ़कर समझने की। यह परंपरा दशकों से सियासत और सियासतदां के साथ ऐसी रमी की देश के शीर्ष से लेकर छात्र जीवन तक इसने पकड़ बनाई। नतीजा सामने है। खुद को कानून से ऊपर मान बैठे एक पूर्व छात्र नेता ने बीच सड़क से उसकी बाइक हटाने वाले पुलिसकर्मी का कॉलर पकड़ते हुए उसे रसूख और सत्ता की धौंस दिखाई। बीच बाजार में पुलिस के सिपाही का ऐसी मजाक बना कि तमाशे को देखने भीड़ जम गई।
सिपाही ने छात्रनेता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। एक अन्य युवक भी मामले में नामजद है। पुलिस कांस्टेबल अशोक कुमार शनिवार शाम रोडवेज बस अड्डे के पास पिकेट में ड्यूटी पर था। तभी मोहल्ला लखनपुर निवासी पूर्व छात्रनेता सचिन कुमार अपनी बाइक लेकर वहां पहुंचा। आरोप है कि सचिन ने अपनी बाइक किनारे खड़ी करने के बजाय बीच सड़क में खड़ी कर दी। बाइक खड़ी होने से राष्ट्रीय राजमार्ग काफी देर तक यातायात प्रभावित हुआ। सचिन के वहां नहीं आने पर अशोक ने बाइक को सड़क किनारे खिसका दिया।
तभी कुछ देर बाद वहां पहुंचा सचिन अशोक से उलझने लगा। तब हुए बीचबचाव के बाद विवाद शांत हो गया था, लेकिन कुछ देर बाद दोबारा एक अन्य युवक के साथ वहां पहुंचे सचिन ने फिर से पुलिसकर्मी से बाइक हटाने पर आपत्ति जता दी। उनमें नोकझोक हुई तो सचिन ने अशोक का कॉलर पकड़ लिया। सरेआम सिपाही का कॉलर पकड़ने से आसपास भीड़ जुट गई। रविवार को सरकारी अस्पताल में दोनों पक्षों का मेडिकल हुआ। जिसके बाद आरोपी सचिन का चालान कर दिया गया। विवेचनाधिकारी एसआई पीएस नेगी ने बताया कि उसके अज्ञात साथी की भी तलाश की जा रही है।
