कागजों को काला करती रही आपदा प्रबंधन कमेटी!

शिमला। ऐतिहासिक धरोहर गॉर्टन कैसल में आग के कारणों की जांच पूरी हो गई है। सभी के बयान ले लिए हैं और साक्ष्य भी एकत्रित कर लिए हैं। केवल फोरेंसिक लैब से आने वाली रिपोर्ट का इंतजार है। बुधवार तक रिपोर्ट मिलने की उम्मीद की जा रही है। जांच अफसर इस रिपोर्ट को आगामी कार्रवाई के लिए उपायुक्त को देंगे। वहीं, सूत्र बताते हैं कि जांच में कई खामियां पाई गई हैं। अग्निकांड से निपटने के लिए ठोस इंतजाम और नीति नहीं थी। आपदा प्रबंधन के नाम पर बनाई गई कमेटी केवल कागजों को काला करने तक सीमित रही। अग्निकांड हुआ तो कमेटी के सभी इंतजाम धरे रह गए।
28 जनवरी को महालेखाकार कार्यालय (एजी ऑफिस) में अचानक आग लग गई थी। इसमें दो मंजिलें जलकर राख हो र्गइं। काफी मशक्कत के बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका। अग्निशमन दस्ते के पास दो मंजिलों को जलते देखने के अलावा कोई चारा नहीं था। अग्निकांड में धरातल और पहली मंजिल ही बच पाई। राख हुई दो मंजिलों को भी बचाया जा सकता था अगर आपदा प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम होते। आग की घटना के बाद फोरेंसिक विशेषज्ञ भी मौके पर पहुंचे और साक्ष्य एकत्रित किए। सरकार ने आग लगने के कारणों की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए और 15 दिन में रिपोर्ट पेश करने को कहा लेकिन जांच में लंबी प्रक्रिया होने के कारण रिपोर्ट में देर हुई। जांच अफसर एडीएम कानून व्यवस्था डीके रतन ने कहा कि जांच रिपोर्ट लगभग तैयार है। केवल फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है। संभव है रिपोर्ट बुधवार तक मिल जाए।

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