
धर्मशाला। छात्र राजनीति के जरिये सियासी महत्वाकांक्षाओं पर ताकत झोंकने के बावजूद सत्तारूढ़ कांग्रेस के मजबूत गढ़ हिल गए हैं। कांगड़ा में परिवहन मंत्री जीएस बाली, विधायक संजय रत्न और वन निगम के उपाध्यक्ष केवल सिंह पठानिया को छोड़कर कई कद्दावर कांग्रेसी नेताओं के केंद्रों में पार्टी समर्थित एनएसयूआई औंधे मुंह गिर गई है।
एनएसयूआई ने बेशक केंद्रीय छात्र संघ चुनावों में जिला भर में 45 सीटें झटकी हों लेकिन, मौजूदा हालत में कांग्रेस के गढ़ धर्मशाला, पालमपुर, बैजनाथ, नूरपुर व इंदौरा में भाजपा समर्थित छात्र संगठन एबीवीपी ने एनएसयूआई को पटकनी दे दी। शनिवार को इन कालेजों के बाहर कांग्रेस नेता अपने पक्ष में हवा बनाने की पूरी कोशिश में दिखे जरूर लेकिन मतदाता विद्यार्थियों ने जनमत सत्तारूढ़ समर्थित दल को देने के बजाय भगवा का दामन थाम लिया। इन नतीजों से धर्मशाला से शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा समेत पालमपुर से विस अध्यक्ष बीबीएल बुटेल, बैजनाथ से विधायक किशोरी लाल, नूरपुर से अजय महाजन और इंदौरा से कांग्रेस एसोसिएट विधायक मनोहर धीमान को कहीं न कहीं अप्रत्यक्ष रूप से जोर का झटका धीरे से लगा है। हालांकि एनएसयूआई ने ओवरआल जिला में 45 सीटें कब्जाकर बढ़त हासिल की है। लेकिन एबीवीपी मुख्य गढ़ों पर सेंध लगाने में कामयाब रही है।
