
यूथ कांग्रेस से निष्कासित रितु कंडियाल ने पार्टी के कुछ लोगों पर उसे इस मामले में फंसाने का आरोप लगाया। रितु ने कहा कि वह समय आने पर इन लोगों के नामों का खुलासा करेगी।
अदालत में पेशी के बाद रितु ने कहा कि अपर सचिव जेपी जोशी ने उसे बताया था कि एमएस सिंह नाम का कोई व्यक्ति फोन कर युवती के नाम पर उन्हें ब्लैकमेल कर रहा है।
इस बारे में उन्होंने युवती से बात करने को कहा था। रितु के अनुसार जब उसने पीड़ित युवती से बात की तो उसने तीन करोड़ की मांग की। रुपये न मिलने पर उसने मामले को राष्ट्रीय मीडिया के सामने ले जाने की बात कही थी। युवती नहीं मानी तो मैं दुबई चली गई।
अमित, नीरज, पीड़िता गए थे नैनीताल
ब्लैकमेलिंग के आरोपी अमित गर्ग के रिश्तेदार ने बताया कि सपा नेता नीरज चौहान राजपुर रोड में किराए के भवन के लिए अमित के पास आया था। उसने राजपुर रोड स्थित अमित का भवन अखबार के लिए किराए पर लिया और कुछ समय बाद वहां न्यूज चैनल का बोर्ड लगा दिया।
इसके बाद नीरज ने ही अमित को टीवी चैनल का संवाददाता बनाया। वह अमित, चैनल की चैनल की रिपोर्टर, जो पीड़िता है, को अपने साथ कार में नैनीताल लेकर गया था। कार खुद नीरज चला रहा था। रास्ते में किसी चेक पोस्ट में कार की एंट्री भी हुई।
नीरज ने नैनीताल में एक होटल में अपने नाम से कमरा बुक कराया। अमित इसी कमरे में था। तीनों अगले दिन वापस दून लौट आ थे। अमित के रिश्तेदार ने बताया कि नीरज चौहान के एक रिश्तेदार ने उन्हें प्रकरण के बारे में पुलिस को न बताने की धमकी दी थी। यह रिश्तेदार गाजियाबाद का रहने वाला है और छुटमलपुर में उसकी फैक्ट्री है।
एक और अश्लील सीडी!
पेशी के बाद ब्लैकमेलिंग के आरोपी कथित टीवी चैनल के पत्रकार साईनी मेक खान ने बताया कि इस मामले से जुड़ी एक और अश्लील सीडी उसके पास है। पीड़िता और वह साथ में न्यूज चैनल में काम करते थे।
आईजी से मिला था अमित
ब्लैकमेलिंग के आरोपी अमित गर्ग ने छह दिसंबर को पुलिस को पूरी कहानी बयां कर दी थी। अमित की मानें तो छह दिसंबर को वह आईजी राम सिंह मीना के कार्यालय में शाम चार बजकर 40 मिनट पर गया और उसने आईजी को प्रकरण की पूरी जानकारी दी। अमित का दावा है कि कार्यालय के रजिस्टर में उसकी एंट्री है। सवाल यह है कि पुलिस ने अमित को पहले गिरफ्तार क्यों नहीं किया।
