कांगड़ा घाटी की लाइफलाइन थमी

पपरोला/कांगड़ा। भारी बरसात के चलते रविवार को कांगड़ा के पास कोपरलाहड़ में ल्हासे गिरने से पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलमार्ग बंद हो गया। इस कारण पपरोला से सुबह 4 बजे पठानकोट के लिए रवाना हुई गाड़ी संख्या 2पीबी ज्वालामुखी स्टेशन पर ही फंस गई। जबकि पपरोला से रेलगाड़ियां कोपरलाहड़ से ही वापस भेजी गईं। इसके अलावा दोपहर बाद दो बजे चलने वाली जोगिंद्रनगर-पठानकोट ट्रेन को रद कर दिया गया।
रेलवे विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कोपरलाहड़ के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-88 से भारी मात्रा में बड़े-बड़े पत्थर व मलबा गिरने से रेलवे ट्रैक को खासा नुकसान पहुंचा है। रेल विभाग के सहायक मंडल अभियंता एमके गोयल ने आरोप लगाया कि एनएच को चौड़ा करने के लिए लोनिवि के एनएच विंग द्वारा चलाए गए काम के कारण सड़क का सारा मलबा रेल पटरी पर गिरने से रेल यातायात ठप हो गया। उन्होंने कहा कि विभाग ने अपनी पूरी मशीनरी रेल मार्ग को बहाल करने में लगा दी है। लेकिन ट्रैक पर भारी मात्रा में ल्हासे गिरने के कारण परेशानी आ रही है। उन्होंने कहा कि मौसम ने साथ दिया तो देर शाम या कल सुबह तक रेलमार्ग बहाल हो जाएगा। रेलगाड़ियों के देरी से चलने से रेल यात्री घंटों परेशान रहे और पठानकोट जाने वाले यात्रियों को बस पकड़नी पड़ी।
लडभड़ोल निवासी बैंक कर्मी राज ने बताया कि वह कोपरलाहड़ जाने के लिए 2 घंटे से स्टेशन पर बैठे हैं। लेकिन ट्रेन घंटों लेट है। पंचरुखी निवासी आशीष, शिखा, कांगड़ा निवासी राकेश आदि ने भी अपनी दिक्कत कुछ ऐसे ही बयां की। उधर, पपरोला स्टेशन मास्टर जीडी राणा ने दो बजे की ट्रेन रद किए जाने की पुष्टि की।

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