
जुखाला (बिलासपुर)। जनपद बिलासपुर में बसों की ओवरलोड़िंग बदस्तूर जारी है। बड़े-बडे़ हादसे होने के बावजूद सबक नहीं लिया जा रहा। उस पर प्रशासन की ढील लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। कई रूटों पर बसों की कमी की वजह से ओवरलोड़िंग हो रही है तो कई रूटों पर लोगों की मनमानी। धड़ल्ले से हो रही ओवरलोड़िंग बड़ी घटना का कारण बन सकती है। मलोखर से बिलासपुर रूट पर चलने वाली बस में हर रोज ओवरलोड़िंग बस चालकों-परिचालकों समेत स्थानीय लोगों की भी मजबूरी बन गई है। इलाके के लोग जान हथेली पर रखकर सफर कर रहे हैं। एचआरटीसी प्रबंधन भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा। इलाके के लिए दूसरी बस लगाने की मांग जोर पकड़ रही है। मलोखर से बिलासपुर के लिए मात्र एक ही बस है। इसमें क्षमता से दो गुना सवारियां बिठाई जा रही है। मलोखर, देवीघाटी, समोग, सिकरोहा, जनेड़, पंडौल, नेरी, कोलणू, आशा मझारी आदि गांव के लोगों को सुबह के समय जुखाला तक महज एक ही बस है, जिसमें क्षेत्र के किसान अपनी सब्जियां, आदि भी लेकर जाते हैं। उधर, जिला के बंदला, घुमारवीं आदि इलाकों में भी बसों की कमी चल रही है। भराड़ी, शाहतलाई समेत नयनादेवी इलाके में भी ओवरलोड़िंग हो रही है और ऐसे में लोग परेशान है। बाबू राम, प्रेम लाल, देशराज, छोटा राम, इंदु शर्मा, संजीव कुमार, लेख राम ने कहा कि इस पर प्रशासन को नुकेल कसने की जरूरत है। उधर, एसडीएम बिलासपुर डा. एमएल मेहता ने कहा कि यदि क्षेत्र के लोग इस बारे में शिकायत करते हैं तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिर भी वह पुलिस को ओवरलोड़िंग पर सख्त नजर रखने के निर्देश देंगे।
