
मैहतपुर (ऊना)। कहीं आप अपनी रसोई में बम तो नहीं ले जा रहे हैं? यह बड़ा सवाल इसलिए भी अहम है, क्योंकि काफी जद्दोजहद के बाद जो घरेलू गैस सिलेंडर आप अपने घर ले जाते हैं, उसके एक बड़े खतरे से शायद आप वाकिफ नहीं हैं। यही लापरवाही आपके परिवार को किसी बड़ी मुसीबत में डाल सकती है।
एक्सपायरी डेट के गैस सिलेंडरों की सप्लाई ने गृहिणियों समेत उनके परिवारों का जीवन भी खतरे में डाल दिया है। इस तरह के गैस सिलेंडरों की शिनाख्त करके उन्हें तुरंत बदला जाना जरूरी है, अन्यथा कभी भी और कहीं भी कोई बड़ा हादसा पेश आ सकता है। गैस एजेंसियों से सप्लाई हो रहे घरेलू गैस सिलेंडरों में कौन सा एक्सपायरी डेट का है, इस बात को जानना आप के लिए बेहद जरूरी है। देखा गया है कि गैस सिलेंडर पाने की होड़ में गैस उपभोक्ता सिलेंडरों का वजन करवाने और उनकी एक्सपायरी डेट चेक करने को लेकर पूरी तरह से लापरवाही बरतते हैं।
ऐसे करें सिलेंडर की पहचान
आप की रसोई तक पहुंचने वाले प्रत्येक एलपीजी सिलेंडर के ऊपरी हिस्से पर बनी तीन पत्तियों के अंदर की ओर सिलेंडर की एक्सपायरी डेट अंकित रहती है। इसे ए, बी, सी और डी चार भागों में बांटा गया है। ए-15 का अर्थ हुआ, यह सिलेंडर मार्च 2015 तक सुरक्षित है। इसी तरह बी-16 के मायने हुए कि यह सिलेंडर जून 2016 तक के लिए है। सी-14 सितंबर 2014 तथा डी-14 अर्थात दिसंबर 2014 तक सुरक्षित होने का साफ संकेत देता है।
क्या कहते हैं घरेलू गैस उपभोक्ता
जिला के विभिन्न क्षेत्रों के घरेलू गैस उपभोक्ताओं से बात करने पर पता चला कि वह इतनी बारीकी में जाते ही नहीं। सिलेंडर मिल जाए बस यही उनके लिए यही काफी है। क्षेत्र के लोगों में रमेश चंद, तरसेम लाल, सुषमा, अंजना, रानी देवी, राकेश शर्मा, सलोचना, सीमा, शकुंतला, बबिता सहोड़, राज कुमार बाली समेत अनेक उपभोक्ताओं ने कहा कि सिलेंडर की एक्सपायरी डेट के इस खुफिया राज से आज तक पूरी तरह से अनजान ही रहे हैं। कहा कि भविष्य में वह इस बात का पूरा ख्याल रखेंगे।
कोट्स
गैस कंपनियों के बॉटलिंग प्लांट से ऐसे सिलेंडर आ रहे हैं। उन्होंने माना कि ऐसे बहुत ज्यादा सिलेंडर हैं, अगर उन्हें निकाल दिया जाए, तो सिलेंडरों की बहुत कमी आ जाएगी। हालांकि उन्होंने कहा कि कंपनियों को इस बाबत वह लिखेंगे, ताकि ऐसे सिलेंडरों को रिप्लेस किया जा सके।
-यादविंद्र पाल, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक
