
कसौली (सोलन)। पर्यटन नगरी में करोड़ों की लागत से बनने वाले जियो म्यूजियम व हेरिटेज पार्क, टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर और पार्किंग की कवायद पर रोक लग गई है। फिलहाल इस बड़े प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में प्रदेश सरकार ने मनाही कर दी है। कसौली में पर्यटन के पंख लगाने के लिए तत्कालीन भाजपा सरकार ने इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी थी।
पहले चरण में आठ करोड़ का बजट भी स्वीकृत हुआ। अभी तक केवल शिलान्यास पट्टिका के अलावा इस प्रोजेक्ट में कुछ भी नहीं हुआ है। हेरिटेज पार्क में हजारों वर्ष पुराने जीवाष्म का संरक्षण किया जाना था। देश विदेश के रिसर्च स्कालरों को यहां रिसर्च करने की सुविधाएं मुहैया करवाई जानी थीं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो सका। पर्यटन विभाग द्वारा यह प्रोजेक्ट तैयार किया गया था। इस संबंध में विधायक राजीव सहजल का कहना है कि कांग्रेस ने सत्ता में आते ही इस प्रोजेक्ट पर रोक लगा दी है। वहीं सहायक जिला पर्यटन अधिकारी गोपाल रघुवंशी का कहना है कि किन्हीं कारणों के चलते यह कवायद आगे नहीं बढ़ पाई है।
वाशिंगटन की तर्ज पर बनना था पार्क
कसौली में बनने वाले इस जियो पार्क का निर्माण वाशिंगटन के नेशनल म्यूजियम एंड नेचुरल हिस्ट्री पार्क की तर्ज पर होना था। कसौली के इस पार्क में सोलन और प्रदेश की समृद्ध जीवाश्म संपदा को यहां रखा जाना प्रस्तावित था। कसौली और आसपास के क्षेत्रों मे मिले लाखों वर्ष पुराने फोस्सिल (जीवाष्म) को इसमें रखकर लोगों को इससे परिचित करवाना इसका मुख्य उद्देश्य था। कुछ समय पहले कसौली और आसपास के क्षेत्र में खुदाई में भारी मात्रा में वनस्पति और दुलर्भ वन्य प्रजातियों के अवशेष और कसौली के साथ लगते जगजीतनगर में करोड़ों वर्ष पुराने पेड़ के जीवाष्म मिले थे।
