कसौली और संगड़ाह में पहले ही हो चुका है फर्जीवाड़ा

बद्दी/सुबाथू (सोलन)। सिरमौर के संगड़ाह और धर्मपुर के चपला गांव के बाद अब दिल्ली के एक व्यक्ति की जमीन सुबाथू के कोठी गांव में निकली है। यहां पर भी आरोपी पर फर्जी प्रमाण पत्र से जमीन हासिल करने के आरोप लगे हैं। नायब तहसीलदार राजेंद्र सिंह जिंटा ने इसकी रजिस्ट्री होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अभी सुबाथू पटवार सर्कल में इस जमीन का इंतकाल नहीं हो पाया है।
दिल्ली के एक व्यक्ति ने दो वर्ष पूर्व एक फर्जी कृषि प्रमाण पत्र तैयार किया जिसमें उसने खुद को सिरमौर जिले के पच्छाद गांव का रहने वाला बताया। इसी फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर व्यक्ति ने संगड़ाह में पांच बीघा जमीन खरीदी। उसके बाद कसौली के चपला गांव में खरीदी। अब सुबाधू के कोटी गांव में जमीन होने का पता चला है। इससे राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी संदेह के घेरे में आ गई है।
सोलन के एसपी रमेश छाजटा ने बताया कि मामले की छानबीन चल रही है। आरोपी के प्रदेश के अन्य जिलों में भी बेनामी सौदे होने के खुलासे हो सकते हैं। इस संबंध में पहले ही पुलिस मुकदमा दर्ज कर चुकी है। दिल्ली के एक व्यक्ति की सुबाथू क्षेत्र में 13 बीघा जमीन होने का पता चला है। यह जमीन आरोपी ने करीब 30 लाख में खरीदी है। एसपी ने बताया कि दिल्ली के व्यक्ति ने सबसे पहले एक फर्जी कृषि प्रमाण पत्र तैयार किया। प्रमाण पत्र की क्रमांक संख्या 482-2011 दर्शाई गई। यह प्रमाण पत्र 8 मार्च 2011 को दर्शाया गया। प्रमाण पत्र पर जाली मोहरें व हस्ताक्षर किए गए।
बाद में पुलिस ने जब इसकी जांच की तो इस नाम का कोई भी व्यक्ति सिरमौर के पच्छाद में नहीं मिला। न ही उसके नाम पर वहां पर कोई जमीन है। पहली बार फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर संगड़ाह में पांच बीघा जमीन खरीदी तथा अब उसी के आधार पर कसौली में 15 बीघा जमीन होने का पता चला है। अब सुबाथू क्षेत्र में जमीन मिली है। पुलिस इस मामले में हर पहलू पर जांच कर रही है। राजस्व विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली को भी जांच के दायरे में लाया जा रहा है।

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