
शिमला(वीरेन्द्र खागटा)भाजपा सांसद वीरेंद्र कश्यप पर हाथ डालने के लिए विजिलेंस प्रश्नावली तैयार कर रही है। उन पर 2009 के एक केस में भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 9 में एफआईआर दर्ज है। इस केस में अब सांसद से क्या पूछताछ होनी है और इन्हें कब बुलाया जाना है? इसके लिए प्रश्नावली तैयार हो रही है। विजिलेंस अगले सप्ताह तक उन्हें तलब कर सकती है। दरअसल लोकसभा चुनावों की घोषणा के बाद अब जांच एजेंसी अपनी ओर से कोई चूक नहीं चाहती, क्योंकि वीरेंद्र कश्यप शिमला सीट से भाजपा प्रत्याशी भी हैं।
2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान कथित तौर पर पैसे लेने वाले एक स्टिंग के आधार पर ये केस दर्ज हुआ है। धारा 9 में दर्ज केस में यदि आरोप साबित होते हैं तो कम से कम 6 महीने और अधिक से अधिक 5 साल जेल और जुर्माने का प्रावधान है। जांच एजेंसी ने 6 मार्च को शिमला थाने में सांसद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
विजिलेंस के अनुसार स्टिंग की सीडी में सांसद को जो रुपये लेते दिखाया गया वह राशि सोलन में एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी खोलने की अनुमति दिलाने के नाम पर ली गई है। 2009 में लोकसभा चुनाव के दौरान ये सीडी चर्चा में आई थी। सीडी की फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर एसआईयू ने मामला दर्ज किया। इस मामले में जनवरी 2010 को सोलन पुलिस के तत्कालीन एडिशनल एसपी, डीएसपी और सदर थाना के एसएचओ की स्पेशल जांच टीम बनाई गई। तीन महीने में जांच पूरी कर रिपोर्ट मुख्यालय सौंपी गई। मामले की जांच कर रहे एसपी डीडब्ल्यू नेगी ने बताया कि प्रश्नावली तैयार की जा रही है और जरूरत पड़ने में सांसद से पूछताछ की जाएगी।
