कलस्टर स्तर पर परीक्षा के फरमान पर तल्खी

स्वारघाट (बिलासपुर)। पांचवीं कक्षा के बच्चों की वार्षिक परीक्षाएं कलस्टर स्तर पर करवाने के शिक्षा विभाग के फरमान पर अभिभावकों ने तल्खी जताई है। विभिन्न स्कूलों से संबंधित स्कूल प्रबंधन समितियों का कहना है कि सरकार का यह फैसला किसी आफत से कम नहीं है।
प्राथमिक शिक्षा खंड स्वारघाट के तहत राजकीय प्राथमिक पाठशाला मंझेड़, पंगा, काथला, काथला खास, टिक्कर, सन्नण क्यारियां, दगड़ाहण, दौलाधार, ज्योरीपत्तन, की स्कूल प्रबन्धन समितियों का कहना है कि वास्तव में उच्च पदों पर बैठे अधिकारी किसी प्रकार का निर्णय लेते समय यह ध्यान नहीं रखते कि इसका प्रभाव बच्चों पर कितना मुश्किल भरा होगा। राजकीय प्राथमिक पाठशाला मंझेड़ स्कूल प्रबंधन समिति की प्रधान रीता देवी, पंगा के प्रधान, काथला के प्रधान रंगीराम, काथला खास के प्रधान राम कृष्ण, सुन्नण क्यारियां के बालक राम, ज्यारीपत्तन के कुलदीप सिंह, दौलाधार के सुभाष चंद, दगडाहण के रवि कुमार व टिक्कर के श्याम लाल आदि ने संयुक्त प्रेस बयान में कहा कि कलस्टर स्तर पर परीक्षा देने के लिए पैदल व जंगली रास्ते से बच्चों को पांच से छह किलोमीटर पैदल चलना पड़ेगा। क्षेत्र में कई पाठशालाओं के रास्ते जोखिम भरे है। कई स्थानों पर जंगली जानवर बच्चों पर हमला कर सकते है। उक्त लोगों का कहना है कि एक तरफ तो शिक्षा के अधिकार के तहत हर ढेड़ किलोमीटर पर प्राथमिक पाठशाला अनिवार्य किया गया है। दूसरी तरफ पांचवीं की परीक्षा को कलस्टर स्तर पर करवाने के निर्णय से इस शिक्षा के अधिकार की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। उक्त लोगों ने इस निर्णय को तुरंत वापस लेने की मांग की है। उन्होंने पांचवीं कक्षा की परीक्षा कलस्टर स्तर पर न करवाकर पाठशाला स्तर पर ही लेने की भी गुजारिश की है।

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