
रुड़की। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जब जगह-जगह देशभक्ति गीत ‘कर चले हम फिदा जानेे तन साथियों..’ बज रहा था तब गंगनगर कोतवाली के जांबाज सिपाही को अंतिम विदाई दी जा रही थी। अपने फर्ज को पूरा करते हुए शहीद होने वाले सिपाही सुनित का श्रद्धांजलि देने वालों को भी शायद यही संदेश रहा होगा। जो भी जांबाज सिपाही को श्रद्धांजलि देने पहुंचा उसकी आंखें नम हो गईं।
सिपाही सुनित नेगी की अंतिम विदाई के मौके पर उमड़ने वाली भीड़ ने कारगिल युद्ध की यादें ताजा कर दी। कारगिल युद्ध के दौरान शहीदों की अंतिम यात्रा में भी हजारों लोग अपने आप उमड़ पड़ते थे। ऐसा ही नजारा 15 अगस्त को गंगनहर कोतवाली में देखने को मिला। आम से लेकर खास तक जिसने भी सुना वही गंगनहर कोतवाली पहुंच गया। हालात यह बन गए कि कोतवाली के अंदर खड़े होने की जगह तक नहीं बची तो लोग सड़कों से जमा हो गए। श्रद्धांजलि समारोह के दौरान तब माहौल ज्यादा हृदय विदारक बन गया जब सुमित के परिजन वहां पहुंचे। सुमित की मां मनोरमा देवी, पिता एसएस नेगी, पत्नी ऋतु के पहुंचते ही हर किसी की आंखों से आंसू छलक गए। सुमित को पुलिस ने शस्त्र झुकाकर सलामी दी। श्रद्धांजलि देने वालों में विधायक प्रदीप बत्रा, लक्सर विधायक संजय गुप्ता, कलियर विधायक फुरकान अहमद, डीएम निधि पांडे, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सोनिका, एसएसपी राजीव स्वरूप, एसपी देहात अजय सिंह, मेयर यशपाल राणा, पूर्व विधायक सुरेश चंद जैन, सभासद चंद्रप्रकाश बाटा, भाजपा नेता मयंक गुप्ता सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
