
रुद्रपुर। हाल ही में डीजीएम कार्यालय में देवभूमि व्यापार मंडल के पदाधिकारियों द्वारा बिजली कर्मचारियों के साथ अभद्रता और तोड़फोड़ का मामला दिन प्रतिदिन उग्र होता जा रहा है। नामजद व्यापारियों की गिरफ्तारी को लेकर सोमवार को विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठनों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरी। कर्मचारी संगठनों ने रैली निकालकर कर्मचारी एकता और अपनी ताकत का अहसास भी कराया। संगठनों ने चेतावनी दी है कि शीघ्र आरोपियों की गिरफ्तारी न हुई तो वह उग्र आंदोलन कर कार्य बहिष्कार करेंगे।
सोमवार को सिंचाई, लोनिवि, जल संस्थान, सहकारिता, कृषि, आबकारी, स्वास्थ्य, मंडी, श्रम विभाग समेत करीब 30 विभागों के कर्मचारी संगठन डीजीएम कार्यालय में एकत्र हुए। जहां से कर्मी पुलिस और प्रशासन के खिलाफ रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि 17 मई को डीजीएम कार्यालय में देवभूमि व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बिजली कर्मियों के साथ अभद्रता, तोड़फोड़ और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। पुलिस ने व्यापारियों के खिलाफ नामजद मुकदमा भी दर्ज किया, लेकिन 20 दिन से अधिक का समय बीतने के बावजूद व्यापारियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई। जबकि डीएम और एसएसपी कई बार समय सीमा निर्धारित कर गिरफ्तारी का आश्वासन दे चुके हैं। यदि आवश्यकता हुई तो इसे प्रदेश स्तर पर भी चलाया जाएगा। बाद में कर्मियों ने सभा स्थल पहुंची एडीएम निधि यादव को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र ही नामजद व्यापारियों की गिरफ्तारी न होने पर कार्य बहिष्कार कर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। इस मौके पर डीएस नेगी, देवप्रकाश चक्रवती, अनिल चौधरी, प्रदीप जोशी, अंबा दत्त शर्मा, ईश्वरी नाथ, ज्ञान प्रकाश, कमल जोशी, ईश्वरी लाल शाह, किशोर राणा, एसके नैय्यर, शंकर आर्य, पूरन सिंह अधिकारी, घनश्याम कांडपाल, गिरीश जोशी, रामकुमार, नंदन सिंह, एजाज बेग, मोहन सिंह बिष्ट, कुंदन सिंह पांगती, मोहन तिवारी, इंद्र सिंह कार्की, आरके भारती आदि मौजूद थे।
