कर्नाटक की कॉफी बिलासपुर में तैयार

बरठीं (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश की आबोहवा कॉफी की पैदावार के लिए अति उत्तम मानी जा रही है। कांगड़ा जिला चाय के लिए मशहूर है। बिलासपुर में काफी का बगीचा तैयार कर एक किसान ने मिसाल पैदा कर दी है। जिला के भराड़ी उप तहसील के अंतर्गत के मंझोटी गांव से संबंधित किसान डा. विक्रम शर्मा ने करीब 4 दर्जन कॉफी के बड़े पेड़ और अन्य कई छोटे-छोटे पौधे तैयार कर लिए हैं। इनमें बाकायदा उत्पादन भी शुरू हो गया है।
विक्रम ने बताया कि इस साल कॉफी की बंपर फसल तैयार है। पहली बार 1999 में कॉफी का बीज कर्नाटक-चिकमंगलूर से लेकर आए थे। अध्ययन के तौर पर उन्होंने अपने बगीचे में इन्हें उगाया था। पिछले वर्ष मौसम अनुकूल नहीं होने के बावजूद 20 से 25 किलोग्राम काफी की पैदावार हुई थी। कॉफी के यह पौधे 12 महीने हरे भरे रहते हैं। इन पौधों में कोई भी बीमारी नहीं लगती। कॉफी वर्ष में एक बार फल देती है। पिछले वर्ष अगस्त माह में प्रदेश व जिला की धरती पर कॉफी की अपार संभावनाएं तलाशते हुए कॉफी बोर्ड ऑफ इंडिया तथा कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया था। इस टीम में बोर्ड के रिसर्च डायरेक्टर डा. जयराम के साथ डिप्टी डायरेक्टर हेमंत कुमार, ज्वाइंट डायरेक्टर डा. चंद्र गुप्ता, डा. आनंद, डा. आरके विनोद ने भी डा. विक्रम के बगीचों का निरीक्षण करते हुए खुशी जाहिर की थी।

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