
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा विकास खंड की ग्राम पंचायत माजरा की फतेहपुर उठाई सिंचाई योजना शुरू नहीं हो पा रही है। करीब पांच वर्ष पहले बाता नदी से इस योजना का निर्माण कार्य शुरू हुआ। लेकिन योजना से अब तक लोगों को सिंचाई की सुविधा नहीं मिल सकी है। इससे फतेहपुर गांव के ग्रामीणों में रोष बढ़ता जा रहा है।
माजरा पंचायत के पूर्व प्रधान रणधीर सिंह, पूर्व बीडीसी सदस्य सुनीता चौधरी, बुटी नाथ, धर्मों देवी, देवराज, सुरेश कुमार का कहना है कि 14 अक्तूबर 2008 में फतेहपुर की उठाऊ सिंचाई योजना का शिलान्यास तत्कालीन आईपीएच विभाग मंत्री रविंद्र रवि ने किया था। करीब 1.49 करोड़ की इस योजना से पंचायत के फतेहपुर क्षेत्र के दो सौ से अधिक परिवारों को सिंचाई सुविधा से जोड़ा जाना था। गांव की लगभग 120 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई योजना का लाभ मिलना था। लेकिन पांच वर्षों बाद भी योजना शुरू नहीं हो सकी है। जबकि योजना के बोरवैल, पंप हाउस, बिजली ट्रांसफार्मर व आपूर्ति लाइन का अधिकतर कार्य हो चुका है। पूर्व पंचायत प्रधान ने कहा कि करीब दो सौ परिवार बेहतर सिंचाई सुविधा का पांच वर्षों से इंतजार खत्म नही हो पा रहा है। मजबूरन लोग निजी ट्यूबवेलों से सिंचाई को पानी ले रहे है। इस बारे आईपीएच विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। लेकिन योजना को शुरु नही करवाया जा रहा है। जिससे क्षेत्र के लोगों में निरंतर रोष बढ़ता जा रहा है। उधर, आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता सुमीत कटौच ने कहा कि योजना का अधिकतर कार्य हो चुका है। दो माह के भीतर शेष कार्य पूरी करवा कर योजना शुरू करवा दी जाएगी। इससे माजरा ग्राम पंचायत के फतेहपुर क्षेत्र के किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा मिल सकेगी।
