करवाचौथ पर महंगाई का असर

बिलासपुर। कमरतोड़ महंगाई का असर करवाचौथ पर्व पर भी देखने को मिल रहा है। चांद का दीदार करने से पहले की रस्मों को निभाने के लिए जरूरी सामान से लेकर चूड़ियां, बिंदियां और कास्मेटिक तक का सामान महंगा हो गया है। हर वस्तु में 25 से 40 प्रतिशत तक महंगी हो गई है। पिछले वर्ष 50 से 70 रुपये में मिलने वाला चूड़ियों का सैट इस बार सौ रुपये तक पहुंच गया है। जबकि कास्मेटिक के दामों में भी इस तरह का इजाफा हुआ है। नामी कंपनियों के कॉजल, बिंदियां भी अब सस्ती नहीं रही। महंगाई की वजह से महिलाओें ने भी शॉपिंग घटा दी है।
बाजार में हर कीमत की चूड़ियां और कास्मेटिक का सामान उपलब्ध है। कांच की चूड़ियों के अलावा फैंसी चूड़ियां आकर्षण का केंद्र बन गई है। कांच की चूड़ियों की कीमत में पिछले साल की अपेक्षा तीन से पांच रुपये का इजाफा हुआ है। फैंसी चूड़ियों की कीमतें 100, 150, 250 रुपये तक पहुंच गई है। पिछले वर्ष दस रुपये में मिलने वाला काजल 15 रुपये का हो गया है। इसके अलावा पूजा के लिए लगने वाले सामान में भी दस से 15 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। महिलाओं के सूट भी अब सस्ते नहीं रहे। बेहतर क्वालिटी के सूट 1500 से लेकर चार-पांच हजार रुपये तक पहुंच गए हैं। मध्यम स्तर का सूट भी 500 रुपये से कम कीमत में नहीं मिल रहा।

इनसेट के लिए—–
बिलासपुर। घुमारवीं क्षेत्र की वंदना और सीमा का कहना है कि हर वस्तु महंगी हो गई है। बिंदिया भी अब काफी महंगी हुई है। इससे उनके बजट पर असर पड़ा है। भराड़ी की शिवानी और वंदना ने बताया कि कास्मेटिक का सामान हो या अन्य। हर वस्तु की कीमत में 25 फीसदी तक बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। चांद के दीदार के लिए लगने वाली पूजा की सामग्री में भी 10 से 15 रुपये बढ़ोतरी हुई है। बिलासपुर की भावना चंदेल के मुताबिक महंगाई बढ़ती ही जा रही है। इस वजह से उन्होंने शॉपिंग कम की है। हां, पूजा के लिए जरूरी सामग्री तो लेनी ही पड़ी। नीलम का कहना है कि महंगाई ने कमरतोड़ कर रख दी है।

कारोबार पर भी पड़ा असर
बिलासपुर। महंगाई के कारण कारोबारियों का कारोबार भी प्रभावित हो गया है। चंडीगढ़ ट्रेडिंग के स्वरूप के अनुसार महंगाई के कारण कारोबार में कमी आई है। पिछले साल की तुलना 30 से 40 प्रतिशत कम कारोबार हो रहा है। नीरज के अनुसार महंगाई के कारण महिलाओं ने शॉपिंग में कटौती कर दी है। बजट गड़बड़ाने से सामान कम खरीदा जा रहा है। इसका सीधा असर उनके कारोबार पर है।

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