
शिमला। टूरिस्ट सीजन शुरू होते ही अवैध होटलों का धंधा रफ्तार पकड़ गया है। राजधानी शिमला सहित आसपास के इलाकों में दर्जनों होटल बिना पंजीकरण के चल रहे हैं। टूरिस्ट सीजन में मोटी कमाई के लिए घरों व कॉटेज को होटलों में तबदील कर दिया गया है। बिना लाइसेंस चल रहे होटलों से सरकार को टैक्स चुकाए बिना लाखों की कमाई की जा रही है। इन अवैध होटलों में गैर कानूनी कामों को अंजाम देने से भी गुरेज नहीं किया जा रहा।
शोघी से लेकर ओल्ड बैरियर तक ढली, संजौली, लक्कड़ बाजार व मशोबरा के आसपास के इलाकों में व शिमला से ठियोग तक राष्ट्रीय राजमार्ग-22 के किनारे काफी संख्या में लाइसेंस के बगैर होटल चलाए जा रहे हैं। टूरिस्ट सीजन में मोटी कमाई के लिए बिना विभागीय अनुमति के धड़ल्ले से घरों व कॉटेज को होटलों में तबदील किया जा रहा है। इतना ही नहीं कुछ होटलों में स्वीकृति लिए बिना ही अतिरिक्त कमरे तैयार कर दिए गए हैं। कई क्षेत्रों में तो रिहायशी भवनों में ही होटल बना दिए गए हैं। घरेलू दरों पर बिजली पानी के कनेक्शन लेकर व्यवसायिक प्रयोग की तैयारी है।
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अवैध होटल पकड़ने को चल रहा अभियान : जस्टा
अवैध रूप से चल रहे होटलों को पकड़ने के लिए विभाग की ओर से विशेष अभियान चलाया गया है। बिना लाइसेंस पकड़े जाने पर पहली बार होटल का चालान किया जाता है। दोबारा पकड़े जाने पर भवन का बिजली-पानी काटने के निर्देश दिए जाते हैं।
– सुरेंद्र जस्टा
उप निदेशक, पर्यटन विभाग
गैर पंजीकृत होटलों की चेकिंग करे विभाग : कुकरेजा
शहर में बिना लाइसेंस चल रहे होटलों की चेकिंग की जानी चाहिए। अवैध रूप से चल रहे होटलों का पंजीकरण करवाया जाना चाहिए। अवैध होटल शिमला में पर्यटन कारोबार के लिए घातक साबित हो सकते हैं।
– हरनाम सिंह कुकरेजा
अध्यक्ष होटलियर एसोसिएशन
कड़ी कार्रवाई का हो प्रावधान : सेठ
अवैध रूप से चल रहे होटलों पर सख्त कार्रवाई के लिए नियमों में संशोधन की जरूरत है। बिना लाइसेंस होटल चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया जाना चाहिए।
– मोहेंद्र सेठ
अध्यक्ष, टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर वेलफेयर एसोसिएशन
