कमजोर हाथों में उद्योगों की सुरक्षा

नालागढ़ (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में उद्योगाें की सुरक्षा का जिम्मा संभाले सिक्योरिटी एजेंसियां नियमों की धज्जियां उड़ाकर करोड़ों की संपत्ति और जान माल की सुरक्षा का जिम्मा अप्रशिक्षित गार्डों को सौंप रही है। पुलिस का दावा है कि कम पगार पर मिल रहे अधिकांश सिक्योरिटी गार्ड प्रशिक्षित नहीं हैं।
बिना प्रशिक्षण के ही वह अपनी सेवाएं उद्योगों सहित अन्य संस्थानों में दे रहे हैं। बद्दी पुलिस अब ऐसे ही सिक्योरिटी एजेंसी पर शिकंजा कसने जा रही है। पुलिस अब ऐसी एजेंसियों का सर्वे करेगी। रिकार्ड खंगाले जाएंगे कि कितने सिक्योरिटी गार्ड है और कितने सिक्योरिटी गार्ड, पुलिस, होमगार्ड, सेना से सेवानिवृत्त हैं, क्योंकि फोर्स से सेवानिवृत्त कर्मी को प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं होती है। लिहाजा प्रशिक्षित सिक्योरिटी गार्ड रखना सिक्योरिटी एजेंसी की जरूरत है। अप्रशिक्षित गार्ड पाए जाने पर पुलिस एजेंसी संचालकों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज कर सकती है।

चंडीगढ़ पंचकूला में नेटवर्क
औद्योगिकीकरण के बाद उद्योगों की स्थापना से कामकाज की तलाश में हिमाचल ही नहीं, अपितु देश के कोने-कोने से कामगार यहां आए हैं और निजी सिक्योरिटी एजेंसियां उन्हें बिना प्रशिक्षण के ही नौकरी पर रख लेते है। कई भूतपूर्व सैनिकों ने सिक्योरिटी एजेंसियों के लाइसेंस तो प्राप्त कर लिए हैं, लेकिन वह इसका नेटवर्क पंचकूला, चंडीगढ़, मोहाली जैसे शहरों से चलाते हैं। बीबीएन में कार्यालय खोलकर यहां एक व्यक्ति को नियुक्त कर देते हैं, जो उनका कामकाज संभालता है।

59 एजेंसियां कर रही काम
हिमाचल में कुल 106 निजी सिक्योरिटी एजेंसी संचालक हैं, जबकि बीबीएन में ही 59 एजेंसियां कार्य कर रही हैं। पुलिस कई बार सिक्योरिटी एजेंसियों को नोटिस जारी करके प्रशिक्षण मुहैया करवाने की बात कह चुकी है, लेकिन सिक्योरिटी एजेंसी ने थोड़ी बहुत औपचारिकताएं पूरी करके इतिश्री कर ली है। हिमाचल प्रदेश प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी एक्ट एंड रुल्स के तहत निजी सिक्योरिटी एजेंसी संचालकों को एजेंसी का पंजीकरण, सिक्योरिटी गार्डों का पीटीसी से प्रशिक्षण आदि के मापदंड पूरे करने होते हैं।

एसपी बद्दी एस अरुल कुमार ने कहा कि सिक्योरिटी गार्ड प्रशिक्षण प्राप्त होना चाहिए। जिस भी संस्थान में वह कार्यरत है, संस्थान की जिम्मेवारी है कि वह सिक्योरिटी एजेंसी सहित सिक्योरिटी गार्ड के प्रशिक्षण के बारे में पूरी जांच कर लें। उन्होंने कहा कि नियमों की जानकारी के लिए कार्यशाला आयोजित हुई है। उद्योगों का सर्वे होगा, इसके बाद विशेष अभियान के तहत मापदंड पूरा न करने वाली एजेंसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।

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