कब मिलेगी पीठ के बोझ से मुक्ति

उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। नेता जी कब हमें पीठ के बोझ से मुक्ति दिलवाएंगे? यह कहना है लाहौल-स्पीति जिले की 107 वर्षीय महिला मतदाता कामु देवी के गांववासियों का। पीठ पर नकदी फसलों का बोझा ढोते-ढोते ग्रामीण अब ऊब चुके हैं। भाजपा सरकार ने सलग्रां गांव के लिए नवंबर 2011 में दो करोड़ की लागत से शानदार पुल बनाकर जनता को समर्पित कर दिया है, लेकिन पुल से आगे पांच सौ मीटर तक सड़क निर्माण कार्य भी किया जा चुका है। लेकिन, हैरत है कि इसके आगे सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इसके चलते तिंदी पंचायत के सलग्रां गांव के लोगों को आज भी सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं होने से नकदी फसलों को पीठ पर उठा कर ले जाना पड़ता है। इसके अलावा गंभीर हालत में मरीजों को चारपाई पर ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों को पुल तक पहुंचने में एक घंटे का सफर तय करना पड़ता है। महिला मंडल सलग्रां की प्रधान राम नंदी, ग्रामीण राकेश कुमार, प्रेम सिंह और रमेश ने बताया कि ग्रामीणों को पुल तक पहुंचने में एक घंटे का समय लगता है। पिछले लोकसभा चुनाव में ही प्रतिभा सिंह को सलग्रां बूथ से बढ़त मिली थी। समस्या को लेकर गत साल लाहौल दौरे पर आए प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से भी गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज दिन तक सलग्रां गांव के लोग सड़क बनने की राह देख रहे हैं। लोनिवि के अधिशाषी अभियंता गुमान सिंह नेगी ने बताया कि सलग्रां सड़क निर्माण के लिए फारेस्ट क्लीयरेंस आड़े आ रही है। जैसे ही औपचारिकताएं पूरी होती हैं, सड़क का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।

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