
शिमला। हिमाचल के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक अच्छी सूचना है। प्रदेश में कनेक्शन लेने से लेकर बिजली आपूर्ति और बिल जमा कराने तक की व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए नया सप्लाई कोड बनाने की तैयारी है। इसको लेकर राज्य विद्युत नियामक आयोग की ओर से ड्राफ्ट तैयार किया जा चुका है। साथ ही आम उपभोक्ताओं से इसको लेकर सुझाव मांगे जा रहे हैं, जिससे नए सप्लाई कोड को और बेहतर बनाया जा सके। नियामक आयोग की कोशिश है कि प्रदेश के उपभोक्ताओं को हर सुविधाएं निजी कंपनियों की तर्ज पर मुहैया कराई जाए, जिससे उन्हें सुखद अहसास हो सके। ऐसा करके आयोग हिमाचल प्रदेश को बिजली आपूर्ति के मामले में देश का एक मॉडल राज्य के तौर पर विकसित करना चाहता है, जहां पर उपभोक्ताओं की शिकायतें अन्य राज्यों के मुकाबले न्यूनतम हो।
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कनेक्शन : घरेलू से लेकर व्यवसायिक या औद्योगिक उपभोक्ता बिजली के लिए आन लाइन, हाथोंहाथ या डाक के जरिये आवेदन करे। उसके लिए आवेदन और एग्रीमेंट फार्म फ्री में उपलब्ध कराया जाए। उसे 30 दिन के भीतर बिना किसी सिफारिश के कनेक्शन मुहैया करा दिया जाए। एसएमएस या ई-मेल के माध्यम से उसे सूचित किया जाए। उपभोक्ता को किसी कर्मचारी या अधिकारी के चक्कर लगाना न पड़े, जिससे विकास के रास्ते में बिजली बाधक न बने।
बिल : बिजली बिल की सूचना इलेक्ट्रानिक मोड पर भी करने की सिफारिश की गई है। इसके तहत प्रत्येक उपभोक्ता को बिजली बिल की सूचना ई-मेल या एसएमएस के जरिये देने की भी भी बात की जा रही है, जिससे उपभोक्ता को बिल आने का इंतजार न रहे। इसके अलावा उपभोक्ता को बिल जमा कराने में भी परेशानी नहीं होनी चाहिए।
नया सप्लाई कोड बनाने का मुख्य उद्देश्य बिजली प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है। निजी कंपनियों की तर्ज पर उपभोक्ताओं को सुविधाएं मुहैया कराना और मानवीय हस्तक्षेप को कम से कम करना, जिससे एक उपभोक्ता को किसी बिजली बोर्ड के कर्मचारी या अधिकारी के आगे पीछे चक्कर काटने की जरूरत न पड़े। उपभोक्ता की कोई भी शिकायत स्वयं दूर हो जाए।
-सुभाष नेगी, चेयरमैन हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग
