
हमीरपुर। प्राथमिक स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती के लिए फर्जी विज्ञापन पहुंच रहे हैं। फर्जी विज्ञापन में आवेदन कर्ता से 650 रुपए फीस की मांग की गई है। विज्ञापन में पदों की कुल संख्या 19500 बताई गई है लेकिन हैरानी की बात यह है कि न तो सरकार की ओर से विज्ञापन जारी हुआ है। न ही शिक्षा विभाग ने कंप्यूटर शिक्षकों के पदों को भरने के लिए विज्ञापन निकाला है। विज्ञापन सर्व कंप्यूटर साक्षरता अभियान ने बिना किसी संस्थागत पते के निकला है। पैसे भेजने के लिए दर्शाया गया पता भी संस्था का न होकर घरेलू है।
हिमाचल शिक्षक क्रांति मंच के प्रदेशाध्यक्ष विजय हीर ने प्रदेश पुलिस महानिदेशक, सीआईडी के महानिदेशक, दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम, जिलाधीश हमीरपुर, एसपी हमीरपुर को शिकायत भेजी है। शिकायत के मुताबिक एक करोड़ 26 लाख 75 हजार रुपए की फीस लूटने के लिए खेल रचा गया है। फर्जी संस्था द्वारा तमाम दस्तावेज सरकारी प्राइमरी स्कूलों के नाम पते पर भेजे जा रहे हैं। स्कूल मुखिया को प्रधानाचार्य लिखा गया है, पर शायद संस्था के प्रतिनिधियों को वास्तविकता का पता नहीं है। भेजने वालों की डाकघर की मुहर अस्पष्ट है। स्कूलों के नाम जारी फार्म में प्राइमरी स्कूलों के प्रधानाचार्य, 3 युवतियों और 2 युवकों का नाम भेजने के लिए कहा गया है। इंटरनेट के माध्यम से कंप्यूटर शिक्षा हर पंचायत में दी जा सके।सीधी भर्ती का लालच देकर मात्र 2 दिन के प्रशिक्षण के लिए 500 रुपए और 150 रुपए आवेदन शुल्क मांगा गया है।
उधर प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक भूषण मल्होत्रा का कहना है कि स्कूलों में पहुंच रहे विज्ञापन फर्जी हैं। इसे न तो शिक्षा विभाग और न ही सरकार की ओर से जारी किया गया है। उन्होंने ऐसे विज्ञापनों से बचने की सलाह दी है।
