कंप्यूटर प्रोजेक्टर लगे नहीं मिल रही स्टेशनरी

बरठीं (बिलासपुर)। गुणात्मक शिक्षा मुहैया करवाने के दावों पर यहां संतोष नहीं किया जा सकता। सरकारी स्कूलों की आईसीटी लैब में मिलने वाली स्टेशनरी पिछले करीब सात महीनों से उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इस वजह से बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो गई है।
शिक्षा विभाग ने करीब तीन वर्ष शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिए राज्यभर में आईसीटी लैब शुरू की है। निजी कंपनी ने प्रदेश के 628 स्कूलों में इस प्रोजेक्ट की शुरूआत की है। लाखों रुपये खर्च कर कंप्यूटर स्थापित कर दिए गए। प्रत्येक स्कूल में एक-एक प्रोजेक्टर भी उपलब्ध है। बच्चों को स्कूलों में लगाए गए कंप्यूटरों व प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाने के साथ संबंधित विषयों को पढ़ने व पाठ्यक्रम में पढ़ाई जा चुकी सामग्री को पुन: दोहराने का प्रावधान है। बच्चे कंपनी द्वारा उपलब्ध करवाई गई स्टेशनरी से अपने लिए कंप्यूटरों से महत्वपूर्ण सामग्री को प्रिंट कर अपने पास रखते हैं। पिछले करीब सात महीने से स्टेशनरी नहीं मिल रही है। कई स्कूलों में स्टेशनरी व प्रिंटर के लिए टोनर नहीं दिए गए हैं। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि कंपनी को जिला के स्कूलों में तुरंत स्टेशनरी पहुंचाने के निर्देश दिए जाएं। अभिभावक देवेंद्र कुमार, अनुज, रोहित, अशोक कुमार, रीता देवी, अनिला, कल्पना ने कहा कि स्टेशनरी नहीं मिलने के कारण बच्चे ठीक से पढ़ाई नहीं कर पा रहे। प्रिंट लेने के बाद वह घर पर भी होम वर्क कर सकते हैं। नोडल अधिकारी संजय शर्मा ने कहा कि अगर ऐसा हुआ है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।

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