
शिमला। ओवरलोडिंग के खिलाफ पुलिस के अभियान पर वीरवार को जमकर बवाल हुआ। ओवरलोडिंग के चालानों से नाराज निजी बस आपरेटर सर्कुलर रोड पर गुरुद्वारा के पास लोकल बस स्टैंड में एकत्रित हुए और पुलिस की एकतरफा कार्रवाई का विरोध किया। ओवरलोडिंग के चालानों के बाद निजी बस आपरेटरों ने लोकल बस स्टैंड से अपनी बसें सिर्फ सीटों पर यात्री बैठाकर रवाना कीं। इस दौरान बस स्टैंड से गुजर रहीं एचआरटीसी की ओवरलोड बसों से निजी बस आपरेटरों ने सवारियां उतारीं, जिस पर विवाद हो गया। लोकल बस स्टैंड में सरकारी व प्राइवेट बसें खड़ी हो गईं जिस कारण लंबा जाम लग गया। सवारियों को बसों में नहीं चढ़ने दिया गया। डीएसपी ट्रैफिक पुनीत रघु ने मौके पर पहुंचकर विवाद को शांत करवाया।
लोडिंग करो, पर ओवरलोडिंग नहीं चलेगी : रघु
डीएसपी ट्रैफिक पुनीत रघु ने बताया कि शहर में बसें लोगों को लाने, ले जाने के लिए चल रही हैं। सवारियों की लोडिंग सही है लेकिन ओवरलोडिंग सहन नहीं की जाएगी। स्टॉपेज पर बसों को दस से पंद्रह मिनट तक अधिक रोक कर सवारियां ठूंस ठूंस कर भरी जा रही हैं, जो सरासर गलत है।
पुनीत रघु, डीएसपी ट्रैफिक
ट्रैफिक पुलिस अपना रही दोहरे मापदंड
ओवरलोडिंग को लेकर ट्रैफिक पुलिस दोहरे मापदंड अपना रही है। प्राइवेट बसों में दो सवारियां स्टैंडिंग होने पर भी चालान किए जा रहे हैं और एचआरटीसी बसों के भारी ओवरलोडिंग पर भी चालान नहीं किए जा रहे। शहर में आबादी अधिक होने और बसें कम होने के कारण ओवरलोडिंग की समस्या पेश आ रही है। परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर समस्या का समाधान निकाला जाना चाहिए।
सुनील शर्मा, प्रधान
ऑल हिमाचल कमर्शियल व्हीकल ज्वाइंट एक्शन कमेटी
कंडक्टर टिकट न दे, तो मुफ्त करो सफर
ज्वाइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष सुनील शर्मा का कहना है कि निजी बसों में किराया देने से पहले सवारियों को कंडक्टर से टिकट मांगना चाहिए। अगर कंडक्टर टिकट नहीं देता, तो बस में मुफ्त सफर करें। चालक-परिचालक वर्दी में न हों, मोबाइल इस्तेमाल करें या स्टीरियो चलाएं तो इसकी शिकायत पुलिस को करें।
