
कोटखाई। सेब की अच्छी पैदावार की आस लगाए बैठे बागवानों की उम्मीदों पर मौसम ने पानी फेर दिया है। तहसील की हिमरी, क्यारवी, रामनगर और नगान पंचायतों में रविवार शाम को भारी ओलावृष्टि हुई। इससे बागवानों को भारी नुकसान हुआ है। प्रभावित क्षेत्र के बागवानों ने सरकार राहत की मांग की है।
बागवानों ने बताया कि रविवार शाम चार पंचायतों में भारी ओलावृष्टि से सेब की फसल तबाह हो गई है। सेब के पत्ते और फूल जमीन पर बिखर गए हैं। सब्जियों और अन्य फसलों को भी ओलों से क्षति हुई है। बागवान देवी राम डोगरा, विवेक डोगरा, मुन्नी लाल, पूर्ण चंद, जीत राम, प्रेम चंद डोगरा, सोहन लाल, चफी राम, दुर्गा दत्त, भगत राम, धर्म दास, मदन लाल, प्रकाश चंद, रमेश चंद और केशव राम ने बताया कि पूरे क्षेत्र में करीब आधा घंटा लगातार ओलावृष्टि हुई है। लोगों की फसलें और सब्जियां ओलावृष्टि से तबाह हो गई हैं। सेब के पौधों की टहनियां, पत्ते जमीन पर बिखरे पड़े हैं। अब साल भर की रोजी रोटी की चिंता शुरू हो गई है। उन्होंने सरकार से प्रभावित क्षेत्र में नुकसान के आंकलन के बाद राहत की मांग की है। वहीं उद्यान विकास अधिकारी जगदीश ने भी चार पंचायतों में ओलावृष्टि से हुए भारी नुकसान की पुष्टि की है।
मुख्य संसदीय सचिव रोहित ठाकुर ने कोटखाई तहसील की हिमरी, क्यारवी, रामनगर नगान, जुब्बल के मंढ़ोल, कायना और कोट सारी सहित सभी प्रभावित पंचायतों में ओलावृष्टि से हुए नुकसान का जायजा लेने के आदेश दिए हैं। रोहित ठाकुर ने बताया कि ओलावृष्टि से प्रभावित सभी पंचायतोें में जांच के लिए उद्यान विभाग और राजस्व विभाग को आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने ओलावृष्टि से भारी नुकसान पर चिंता जताई है।
