
डंसा (रामपुर बुशहर) । क्षेत्र की नोगवैली और 12/20 में बुधवार रात हुई भारी ओलावृष्टि से क्षेत्र के बागवानों को भारी नुकसान हुआ है। सेब, बादाम, खुमानी और पलम के पौधों से फूल पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। ओलावृष्टि से बागवानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। इस कारण क्षेत्र के बागवानों को अब आर्थिकी का संकट सता रहा है। लगभग आधे घंटा हुई इस ओलावृष्टि से नोगवैली और 12/20 के दर्जनों गांवों डंसा, जगुनी, कराली, सनेई, शंदल, थाना, पनोली और 12/20 की देवठी पंचायत के मटैना, लटेला, शिल, करेरी, बाहली, खमाडी, सुम, कनसारी, और मुनिश पंचायत के गांव थला, बरकल, उरमन के बागवानों की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं। गौर हो कि किसान साल भर अपने पेड़ों को देखभाल करते हैं, जिसमें उन्हें कमाई की आधी रकम पेड़ों पर खर्च करनी पड़ती है उसके बाद ही उन्हें अच्छी फसल की पैदावार हो पाती है। बागवानों ने प्रशासन से नुकसान का जायजा लेकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। क्षेत्र के बागवानों पवन कुमार, दिनेश कुमार, सभ्य छासी मेहता, सूरज नेगी, मनमोहन, सुरजीत, कमल चाई, मोहन नेगी, कुलदीप कायथ, गोविंद, प्रकाश और मुनिश के पूर्व उप-प्रधान हिम्मत सिंह मसोई, देवठी के प्रधान टीकम सेनी, डंसा के उपप्रधान जीएल डमालू का कहना है कि ओलावृष्टि से उनकी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इस कारण कारण उन्हें आर्थिक संकट सताने लगा है। बागवानों ने प्रशासन से फसलों के नुकसान का आंकलन कर मुआवजा देने की मांग की है।
इस संबंध में रामपुर कार्यालय में तैनात उद्यान अधिकारी एमएम चौहान का कहना है कि उन्हें ओलावृष्टि की सूचना मिल चुकी है। जल्द ही इसका आकलन करके रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
