ऑपरेशन दंगा पार्ट-2: मुजफ्फरनगर दंगों पर सनसनीखेज खुलासा

ऑपरेशन दंगा पार्ट-2: मुजफ्फरनगर दंगों पर सनसनीखेज खुलासा

ऑपरेशन दंगा के स्टिंग पार्ट वन में दिखाया गया था कि मुजफ्फरऩगर कैसे सियासत की भेंट चढ़ गया। मुलायम सिंह और अखिलेश के अफसरों ने मुजफ्फरऩगर दंगों का पूरा का पूरा सच खोलकर सामने रख दिया। ऑपरेशन दंगा पार्ट-2 से पता चलता है कि कैसे मुजफ्फरऩगर में दंगा जंगल में आग की तरह फैलता चला गया। हिंदी न्यूज़ चैनल आज तक ने खुलासा किया है कि 30 अगस्त शुक्रवार की दोपहर एक सभा ने मुजफ्फरऩगर में माहौल गर्मा दिया था।

दरअसल यह सभा ग़ैरकानूनी थी। शहर में दफा 144 लगी थी। दफा 144 तोड़कर लोग चौराहों पर इकट्ठा होने लगे और फिर लाउडस्पीकर और माइक पर ऐसी तकरीरें की गईं कि शहर का पारा चढऩे लगा। अगले दिन यानी 31 अगस्त को एक और सभा की गई। इस सभा में भी धारा 144 को ताक पर रखा गया और लोगों को भड़काने वाली बातें कही गईं। दोनों ही भड़काऊ सभाओं में पुलिस तमाशबीन थी। मुजफ्फरऩगर के शहर कोतवाल सतपाल सिंह पर दारोमदार था धारा 144 लागू कराने का। अगर यह धारा कानून के मुताबिक लागू होती, तो मुमकिन है मुजफ्फरऩगर दंगों के दाग़ से बच जाता।

सतपाल सिंह, शहर कोतवाल, मुजफ्फऱनगर: सिटी मजिस्ट्रेट को तो अधिकार है कि कोई चीज़ की परमिशन दी जाए।. तो उसमें परमिशन तो कर ही सकते हैं। लेकिन ये अनुमति नहीं थी कि आप भीड़ इकट्ठा करेंगे। माइक लगाएंगे, या बोलेंगे, या भाषणबाज़ी करेंगे, ये अनुमति नहीं थी। आजतक: भाषण तो सबने दिया…सबने भड़कीला भाषण दिया था। सतपाल सिंह, शहर कोतवाल, मुजफ्फऱनगर: भाषण तो दिया ही….। आजतक: और जो लोग इकट्ठा हुए थे, उनके खिलाफ़ एफआईआर भी हुई है। सतपाल सिंह, शहर कोतवाल, मुजफ्फऱनगर: एफआईआर हुई…इस संबंध में…कादिर राणा और सबके खिलाफ़। आजतक: पर गिरफ्तारी तो किसी की नहीं हुई। सतपाल सिंह, शहर कोतवाल, मुजफ्फऱनगर: एक गिरफ्तारी हुई इसमें….सुल्तान हुसैन की…एडवोकेट सुल्तान हुसैन की।

कई दिनों से दिन रात दंगों की ड्यूटी पर डटे एसपी साहब का मानना है कि ज़्यादातर दंगाई फरार हो चुके हैं और पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। आगे की बातचीत अब खुद ही पढ़ें… राम अभिलाष, एसपी क्राइम, दंगे ड्यूटी पर: बचने के बाद….प्रतिक्रिया तो होनी थी…। आजतक: वही प्रतिक्रिया हुई है। राम अभिलाष, एसपी क्राइम, दंगे ड्यूटी पर: जो जहां ज़्यादा था….ये दंगे का मूल स्वभाव है….जो जिससे जबर है वो कमज़ोर को मारेगा…ये उसका प्राकृतिक न्याय है, इस पर तो प्रश्न ही नहीं उठता। आजतक: भीड़ में तो कमज़ोर ही मारा जाएगा। राम अभिलाष, एसपी क्राइम, दंगे ड्यूटी पर: भीड़ में कमज़ोर ही मारा जाएगा, अच्छा… निर्दोष उधर भी मारे गए, निर्दोष इधर भी मारे गए…. दोनों तरफ निर्दोष मारे गए। जो मारने वाले थे, वो ना इधर छुए गए, वो ना उधर छुए गए। इधर मारने वाले खेतों में विलीन हो गए….. उधर मारने वाले घर से गायब हो गए। ना वो छुआ.. ना वो….दोनों अपराधी नहीं छुए… दोनों निर्दोष पीड़ित हुए। आजतक: वो तो मारे गए सब। राम अभिलाष, एसपी क्राइम, दंगे ड्यूटी पर: आज हमारे सामने प्रशासन के ये है… कि गांव छोड़कर भागा xxxx …हमें प्रोटेक्ट उन्हें करना है…..क्योंकि और जो बाद की कार्रवाई है, उसमें xxxx … बाहर भाग गया…वो मुलज़िम बन गया। आजतक: हां वो मुलज़िम बन गया….। राम अभिलाष, एसपी क्राइम, दंगे ड्यूटी पर: हो गया सारा उलट।

पुलिस अधीक्षक राम अभिलाष त्रिपाठी और शहर कोतवाल सतपाल सिंह के खुलासे से कहीं बढ़कर खुलासा है एक और वर्दीवाले का, जो आज आपको दंगों के सच से ना सिर्फ रू-ब-रू कराएगा बल्कि भीतर तक हिला देगा। मुजफ्फऱनगर सुलग रहा था, पुलिस भी वहां मौजूद थी, और पीएसी भी, फिर भी एक समुदाय ने दूसरे समुदाय पर हमला किया। दंगाई अपने मकसद में कामयाब होते रहे। खुलासा कर रहे हैं मुजफ्फऱनगर के भोपा थाने के दीवान भ्रम सिंह और शाहपुर थाने के इंस्पेक्टर सत्य प्रताप सिंह…

भ्रम सिंह, दीवान, भोपा थाना: हां…इधर से जा रहे थे। आजतक: अच्छा…अच्छा। भ्रम सिंह, दीवान, भोपा थाना: अब बता रहे हैं….कि किसी लड़के को वो मार दी चक्कू-छुरी जाते हुए….तो वो उस गांव में घुसकर…हल्ला मचा दिया। तो ये गांव और 2-3 गांव उधर के वो सब यहां चले आए….कुछ आगे रास्ता है…कुछ वहां हो गई…तो बीच में। आजतक: पुलिस कितनी थी यहां पर। भ्रम सिंह, दीवान, भोपा थाना: पुलिस, पीएसी थी, इंस्पेक्टर साहब की गाड़ी थी, और 5-6 आदमी। आजतक: उनके सामने ही मार दिया सबको। भ्रम सिंह, दीवान, भोपा थाना: हां जी। आजतक: उनके सामने ही मार दिया सबको। भ्रम सिंह, दीवान, भोपा थाना: हां जी…यहां तो बहुत कई हज़ार आदमी थी…पीएसी और वो रोकते रहे रोकते रहे….लेकिन जब यहां रोके तो दूसरे रास्ते से जाकर उधर से घेर लिया…एक गांव उधर है….वो उधर से आ गए। आजतक: पुलिस और पीएसी कुछ नहीं कर पायी। भ्रम सिंह, दीवान, भोपा थाना: नहीं पुलिस और पीएसी ने यहां तो रोक लिया था…ट्रैक्टर उधर रुकवा दिए थे….लेकिन जो आगे निकल गए पब्लिक को यहां रोकती पुलिस, पीएसी….तब तक कुछ आदमी निकल गए।

Related posts