
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने पहली बार पीजी कोर्स में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू करवाने के बहाने गुपचुप तरीके से फीस में बढ़ा दी है। कोर्स की प्रवेश परीक्षा की फीस के बहाने विवि के खाली खजाने को भरने का यह नायाब तरीका निकाला है। इसकी छात्र संगठनों को भी भनक तक नहीं लगने दी गई है। हालांकि ऑनलाइन फार्म और फीस जमा करवाने की सुविधा शुरू करने से छात्रों को राहत मिलेगी। मगर ऑनलाइन होने की एवज में अब आम छात्र की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। विश्वविद्यालय ने प्रोस्पेक्ट्स के 160 रुपये की फीस को सीधे आवेदन फीस में जोड़ कर 280, और 460 रु पये कर उसी में शामिल कर दिया। विश्वविद्यालय ने आरक्षित और सामान्य वर्ग की फीस में कोई खास बढ़ोतरी नहीं की है, मगर परोक्ष रूप से एक से अधिक विभागों की प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन करने को हर छात्र को निर्धारित की गई नई फीस दरों में 160 रुपये देने ही पड़ेंगे, जो कि पहले नहीं लिए जाते थे। चूंकि हर प्रोस्पेक्टस के साथ दो अतिरिक्त फार्म मुफ्त में दिए जाते थे।
बाक्स
ऐसे ढीली होगी छात्रों की जेब
मुफ्त फार्म डाउनलोड करने के लिए छात्र को 70 से 80 रुपये देने होंगे। वहीं, यह सिर्फ एक फार्म भरने का खर्च होगा, इससे अधिक पर यह और बढ़ जाएगा। हर विषय के डाउनलोड किए फार्म(प्रोस्पेक्ट्स ) का 160 रुपये छात्र को फीस के रूप में हर आवेदन के साथ चुकाना ही होगा। ऑनलाइन की नई प्रक्रिया के बदले उसे जेब ढीली करनी ही होगी। पहले प्रोस्पेक्टस के साथ तीन दो अतिरिक्त फार्म मिलते थे।
ये हैं नई आवेदन फीस दरें
एसमएसी (फिजिक्स, बॉटनी, ज्यूलॉजी, केमिस्ट्री, मैथ) एलएलबी, एमए सोशल वर्क, एमएमसी पीजीडीएमसी कोर्स के लिए सामान्य वर्ग और नॉन सब्सिडाइज्ड को 280, एससी, एसटी अंत्योदेय आईआरडीपी 190, एमएड, एमए इंग्लिश, एमबीई सामान्य वर्ग नॉन सब्सिडाइज्ड 460, एससी एसटी, अंत्योदेय, आईआरडीपी 460, पीजीडएसआरडी, एमएचआरडी सामान्य और नॉन सब्सिडाइज्ड, 360 आरक्षित वर्ग 210 एमए फिजिकल एजूकेशन, सामान्य और नॉन सब्सिडाइज्ड 200, आरक्षित वर्ग 170, एमपीईएड सामान्य और सब्सिडाइज्ड 360 और आरक्षित वर्ग 235 रुपये।
तय की गई हैं फीस दरें : डीएस
विवि के अधिष्ठाता अध्ययन सुरेश कुमार ने माना कि अब हर फार्म भरने और उसकी फीस नई तय दरों के हिसाब से देनी होगी।
