एसएफआई ने मनाया काला दिवस

नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ महाविद्यालय की एसएफआई इकाई ने रूसा (राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान) के तहत नई शैक्षणिक प्रणाली का कड़ा विरोध करते हुए काला दिवस मनाया। मंगलवार को एसएफआई कार्यकर्ताओं ने इसका जमकर विरोध किया। एसएफआई सदस्यों ने-सबको शिक्षा, सबको काम, वरना होगी नींद हराम के नारे लगाए।
एसएफआई के जिला महासचिव बलविंदर सिंह, एसएफआई नालागढ़ इकाई की अध्यक्ष बीना और सचिव सरबजीत कौर के अनुसार रूसा के तहत शैक्षणिक प्रणाली लागू होने से कई विद्यार्थियों के हितों के साथ कुठाराघात किया गया है और एसएफआई मांग करती है कि रूसा के नाम पर छात्रों से खिलवाड़ बंद होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि रूसा के नाम पर शिक्षा का नीतिकरण बंद होना चाहिए, वहीं निजी शिक्षा का नीतिकरण बंद हो। मेजर विषयों में सीटों को अनलिमिटेड करना चाहिए। एसएफआई रूसा के तहत छात्रों से खिलवाड़ को एसएफआई कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने विवि प्रशासन से मांग की है कि रूसा के तहत लागू की शैक्षणिक प्रणाली को बदला जाए, जिससे विद्यार्थियों के हितों के साथ खिलवाड़ न हो, अन्यथा एसएफआई उग्र आंदोलन करने को बाध्य हो जाएगी। इस मौके पर भारती चंदेल, समिता लता, नवीक्षा, नीरू, समीक्षा, किट्टू, अर्पणा, अनुराधा, अनु, रंजना, हिना, रामदुलारी, किरण, ज्योति, मंजू, नीरु और पम्मी आदि मौजूद रही।

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