
गोहर (मंडी)। पंचायतों में रेत, बजरी और पत्थर के लिए खनन विभाग के एम फार्म लागू करने के आदेश का गोहर विकास खंड के पंचायत प्रतिनिधियों ने विरोध जताया है। इस संदर्भ में मंगलवार को गोहर विकास खंड के पंचायत प्रतिनिधियों ने बीडीओ कार्यालय सभागार में एक बैठक बुलाकर इस फैसले का कड़ा विरोध जताया है। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि एम फार्म के कारण पंचायतों में 60-40 की रेशो में संतुलन नहीं हो पा रहे हैं, जिससे पंचायत प्रतिनिधियों को मनरेगा के कार्यों में दिक्कतें पेश आ रही हैं। गोहर प्रधान संघ के प्रधान लाला राम कश्यप ने कहा है कि खनन विभाग अगर अपना फरमान वापस नहीं लेता है तो गोहर विकास खंड के प्रधान विकास कार्य करवाना छोड़ देंगे। संघ के महासचिव एवं धिश्ती पंचायत के प्रधान मुरारी लाल राणा ने कहा कि एम फार्म के कारण ट्रक टिप्पर वाले भी अपने रेट बढ़ा रहे हैं, जिससे पंचायत में विकास कार्यों का खाका डगमगा रहा है। गोहर उप प्रधान संघ के प्रधान टेेक सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से पंचायत प्रतिनिधियों को गहरा आघात लगा है और इस आदेश से पंचायतों में विकास कार्य ठप हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि मनरेगा में 60 वर्ष तक की आयु वाले लोगों को मनरेगा काम पर लगाया जाए। उन्होंने कहा कि इससे अधिक के उम्र के लोगों से प्रोग्रेस नहीं निकल पाती है, जिससे असेसमेंट प्रभावित हो रही है। पंचायत प्रतिनिधियों ने खनन विभाग से जल्द इस निर्णय को वापस लेने की मांग उठाई है। इस मौके पर पंचायत प्रतिनिधियों ने खंड विकास अधिकारी गोहर को भी अपनी समस्या से अवगत करवाया। बैठक में किलिंग पंचायत के प्रधान मनीराम, खारशी पंचायत के प्रधान सुरेश मल्होत्रा, चैलचौक पंचायत प्रधान कन्हैया लाल समेत अनेक पंचायत के प्रधानों, उप प्रधानों और वार्ड पंचों ने भाग लिया।
