
शिमला। नगर निगम के सैनिटेशन सेक्टर क्षमता निर्माण प्रोजेक्ट के तहत भरे जाने वाले दस पदों के लिए एक हजार से अधिक आवेदन आए हैं। यूरोपियन यूनियन इस प्रोजेक्ट के लिए सात करोड़ की फंडिंग करेगा। आवेदकों की संख्या बढ़ने के चलते नगर निगम को छंटनी करने में खासा पसीना बहाना पड़ा है। दस पदों के लिए एमबीए से लेकर पीएचडी होल्डरों तक ने आवेदन किया है।
प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए एक प्रोजेक्ट मैनेजर, एक इनवायरमेंटल इंजीनियर, एक अकाउंट आफिसर, दो सोशल कोआर्डिनेटर, एक एडमीनिस्ट्रेटिव एंड लॉजिस्टिक आफिसर, दो फील्ड आफिसर और दो आफिस असिस्टेंट को भर्ती किया जाना है। 8 जून आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख रखी गई थी। इस तिथि तक इन दस पदों के लिए एक हजार से अधिक आवेदकों ने नगर निगम में आवेदन किया। उक्त सभी पदों के लिए उच्च शैक्षणिक योग्यता और अनुभव भी रखा गया था। इसके बावजूद एक हजार से अधिक लोगों ने इन पदों के लिए अपना-अपना दावा किया है। निगम अधिकारियों के मुताबिक आफिस असिस्टेंट पद के लिए सबसे अधिक करीब 500 आवेदन आए हैं। इनमें कई पीएचडी और एमबीए धारक भी हैं। इसके अलावा अन्य आठ पदों के लिए शेष करीब पांच सौ लोगों ने आवेदन किया है।
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एक पद के लिए पांच का साक्षात्कार
आवेदकों की भारी संख्या को देखते हुए नगर निगम और यूरोपियन यूनियन के प्रतिनिधियों ने छंटनी कर प्रति पोस्ट के लिए पांच से छह आवेदकों को साक्षात्कार के लिए बुलाया है।
तीन साल तक का होगा अनुबंध
नगर निगम की ओर से यूरोपियन यूनियन के प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए भर्ती किए जाने वाले 10 अधिकारियों, कर्मियों को प्रोजेक्ट के समाप्त होने तक नौकरी दी जाएगी। संभवत: तीन साल का अनुबंध करार होगा।
साक्षात्कार 1 जुलाई को
नगर निगम आयुक्त अमरजीत सिंह ने बताया कि 1 जुलाई को साक्षात्कार होगा। छंटनी के बाद चुने गए आवेदकों को इस बाबत सूचित कर दिया गया है। 10 पदों को भरने के लिए कुल 55 आवेदक बुलाए गए हैं।
