एमसी बैठकों में महंगी चाय लाने पर पाबंदी

शिमला। नगर निगम में होने वाली बैठकों में अब महंगी चाय की चुस्कियां नहीं लग सकेंगी। पर्यटन विकास निगम के रेस्तरां आशियाना से हर बैठक के लिए आने वाली चाय और खाने की वस्तुओं पर निगम आयुक्त अमरजीत सिंह ने रोक लगा दी है। बैठकों में अब साधारण दुकानों या कैंटीन से चाय लाने के आदेश जारी किए गए हैं।
आर्थिक तंगी से गुजर रहे नगर निगम में बेवजह किए जाने वाले खर्चों को घटाने की कवायद में निगम आयुक्त अमरजीत सिंह जुट गए हैं। पदभार संभालने के बाद से ही निगम दफ्तर में हुई बैठकों में आशियाना से आई चाय और खाने की वस्तुओं पर होने वाले खर्च पर आयुक्त ने ऐतराज जताया है। प्रति बैठक करीब एक हजार रुपये तक का खर्च आता है। माह में चार से पांच बार इस तरह की बैठकें होती हैं जिस पर मासिक पांच हजार से अधिक खर्च निगम के खजाने से होता है। इस पर निगम आयुक्त ने कड़ा संज्ञान लिया है। आयुक्त ने आदेश जारी कर आगामी बैठकों में आशियाना से चाय मंगवाने की प्रथा को समाप्त करने को कहा है। आयुक्त का कहना है कि किसी साधारण दुकान या कैंटीन से चाय मंगवाई जा सकती है जो आशियाना की चाय के मुकाबले सस्ती पड़ेगी। निगम की आर्थिक हालत को सुधारने के लिए इसी तरह के कदम उठाने पड़ेंगे।

चाय की पेमेंट स्वयं कर चुके हैं आयुक्त
बीते दिनों हुई एक बैठक में आयुक्त ने आशियाना से चाय न मंगवाकर किसी अन्य दुकान या कैंटीन से चाय मंगवाई। इसकी पेमेंट भी आयुक्त ने बैठक के दौरान स्वयं की।

महापौर, उपमहापौर भी नहीं मंगवाते चाय
महापौर संजय चौहान और उपमहापौर टिकेंद्र पंवर ने अपने-अपने ऑफिस में चाय बनवाने का इंतजाम किया है। रोजाना सैकड़ों लोग इनके पास आते हैं। ऐसे में निगम के खर्च को न बढ़ाते हुए दोनों ही जनप्रतिनिधियों ने अपने ऑफिस में चाय बनवाने का बंदोबस्त किया है।

आयुक्त ने लालबत्ती हटाने के आदेश दिए
शहर की जनता से सीधे संवाद बनाने के लिए निगम आयुक्त अमरजीत सिंह ने अपने आफिस के बाहर लगी लालबत्ती को हटाने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि लाल की जगह नीली लाइट लगाई जाएगी जो भी सिर्फ बहुत ही महत्वपूर्ण बैठक के दौरान ऑन की जाएगी।

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