
अगस्त्यमुनि। जिले में तैनात एनडीआरएफ के जवानों की कलाई पर केदारघाटी की बहनों द्वारा राखी बांधने का क्षण उनके लिए कभी नहीं भुलाने वाला जैसा था।
आसाम के बोगाई गो के रहने वाले कांस्टेबल गोवर्धन दास के लिए तो यह क्षण जीवन भर के लिए यादगार बन गया। गोवर्धन की कोई बहन नही है। वह बताते हैं कि यहां उन्हें बहन का प्यार मिला है, जिस कभी भुलाया नहीं जा सकता है। आंध्र प्रदेश के जवान एमएन नायडू की बहन लक्ष्मी दिल्ली में रहती है। रक्षाबंधन पर वह पास नहीं होने पर वे काफी मायूस थे। ऐसे में अगस्त्यमुनि में बहुत सारी बहनें देखकर वे खुशी से झूम उठे।
झारखंड के विनोद कुमार, उत्तर प्रदेश के गणेश गुप्ता, कर्नाटक के वास्वाराज, गुजरात के रोहिव, मध्य प्रदेश के घनश्याम शिवणकर, महाराष्ट्र क सात्युस्वे उत्तम और उत्तराखंड के गोविंद राम आदि बताते हैं कि वे सालों से नौकरी कर रहे हैं, लेकिन ऐसा अवसर उनकी जिंदगी में पहली बार आया है। प्रधानाचार्य रागिनी नेगी, शिक्षिका कमला, उत्तमा, ज्योति, वंदना, मोनिगा, प्रियंका, कुसुम, रोशनी, संध्या, कंचन, दिव्या, भावना, सोनम, अंजू, निशा और संतोषी ने आयोजन की विशेष तैयारी की थी। वहीं एनडीआरएफ के निरीक्षक रमेश चंद्र का कहना है कि केदारघाटी की इन बहनों को हमारी टीम कभी नहीं भूल पाएगी। आपदा ओर संकट की घड़ी में इनके प्रेम और स्नेह ने हमारे मनोबल को मजबूत किया है।
