
बागेश्वर। आरएसएस के जिला प्रचारक वीरेंद्र सिंह नेगी और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोतवाली का घेराव का एनएसयूआई जिलाध्यक्ष को जबरन फंसाने का आरोप लगाया। उन्होंने शीघ्र मुकदमे से उनका नाम वापस नहीं लिए जाने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी। इधर व्यापार मंडल ने मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।
आरएसएस जिला प्रचारक के पक्ष में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कोतवाली का घेराव किया तो बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोतवाली का घेराव किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि आरएसएस जिला प्रचारक वीरेंद्र सिंह द्वारा एनएसयूआई जिलाध्यक्ष भाष्कर टम्टा को जबरन फंसाया जा रहा है जबकि जिला प्रचारक ने भाष्कर के साथ अभद्रता की है। उन्होेंने भाष्कर पर लगाए गए मुकदमे नहीं हटाए जाने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी। घेराव करने वालों में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी, पीसीसी सदस्य नवीन रावल, भगवत रावल, नवल किशोर टम्टा, मुन्ना पांडे, ललित बिष्ट, यूथ कांग्रेस के विधानसभा बागेश्वर के अध्यक्ष ईश्वर पांडे, कपकोट के मोहन कोरंगा आदि शामिल थे। इधर व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष उमेश फुलारा ने फोन पर कहा कि यदि घटना की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो व्यापार मंडल दीपावली में बाजार बंद करेगा। उन्होने कहा कि शुरूआत में आरएसएस कार्यकर्ताओं ने अभद्रता की है। इधर कोतवाल यूआर आर्या ने कहा कि मामले की जांच चल रही है। जांच के बाद कार्रवाई होगी।
