एनएच के जलमग्न होने का खतरा बढ़ा!

सांगला (किन्नौर)। सतलुज नदी में जलस्तर बढ़ने से रल्ली में नेशनल हाइवे के जलमग्न होने का खतरा बढ़ गया है। इस समय पानी सड़क के बिल्कुल नजदीक पहुंच गया है। अगर ठोस इंतजाम नहीं किए गए तो सड़क के जलमग्न होने से रिकांगपिओ मुख्यालय समेत पूह ब्लाक और काजा की हजारों की आबादी से सड़क सुविधा छिन जाएगी। यहां सड़क डूबने से रिकांगपिओ समेत ऊपरी क्षेत्रों के लिए यातायात सुचारु रखने का कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
सर्दी के मौसम में रल्ली के पास भारी भूस्खलन से कई मीटर सड़क ध्वस्त हो गई थी। सीमा सड़क संगठन को यहां नए सिरे से सड़क बनानी पड़ी, तब जाकर कहीं यातायात बहाल हो पाया था। यातायात बहाल करने के लिए अस्थायी तौर पर बनाई इस सड़क पर अब खतरा मंडरा रहा है। सड़क सतलुज के नजदीक से बनाई गई है। नदी में लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण इस सड़क के जलमग्न का खतरा बढ़ गया है। इस समय सड़क के बिल्कुल नजदीक पानी पहुंच चुका है। गर्मी में अगर यही आलम रहा तो आने वाले दिनों में सड़क के ऊपर से पानी गुजरना शुरू हो जाएगा, जिससे यातायात बाधित होगा। ऐसे में यहां पर यातायात सुचारु रखने के लिए पुख्ता इंतजाम की जरूरत है। इंतजाम नहीं किए गए तो हजारों लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। इधर, जिला अध्यक्ष भाजपा विद्या सागर नेगी, पूर्व अध्यक्ष सूरत नेगी, दौलत नेगी, टेक सिंह, श्यामलाल नेगी, रामगोपाल नेगी, भूपेंद्र नेगी, विनय नेगी, नगेश नेगी, सुनीता नेगी, भाजयुमो अध्यक्ष हकीम सिंह नेगी, बलदेव नेगी, सुरेंद्र नेगी, जितेंद्र नेगी, शमशेर नेगी, बीरबल कुमार नेगी, कुंदन ज्ञाछो, निहाल चारस, अजेंद्र नेगी, हुकम चंद नेगी, राजेश नेगी, हिम्मत नेगी तथा मनोज नेगी ने रल्ली में समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था की मांग उठाई है। उपायुक्त कैप्टन जेएम पठानिया ने बताया कि इस संबंध में 14 मई को बीआरओ के साथ विशेष बैठक की गई है। इसमें विस उपाध्यक्ष जगत नेगी ने बीआरओ से सतलुज लेबल से सड़क की ऊंचाई बढ़ाने को कहा है।

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