
श्रीनगर। उत्तराखंड राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में विभिन्न पदों पर स्थायी नियुक्तियों के लिए चयन प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। एनआईटी के लिए 36 पदों पर शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और ऑफीसर का चयन कर लिया गया है। एनआईटी प्रशासन ने सबको नियुक्ति पत्र भेज दिए हैं।
एनआईटी श्रीनगर की ओर से टीचिंग और नॉन टीचिंग के 40 पदों के लिए गत माह 12 से 26 मई के बीच लिखित और साक्षात्कार परीक्षा का आयोजन किया गया था। इसमें ऑफीसर्स के 6, नॉन टीचिंग के 19 तथा टीचिंग के 15 पदों के लिए विज्ञप्ति जारी की गई थी। विभिन्न विभागों में टीचिंग के लिए 717 अभ्यर्थियों तथा नॉन टीचिंग पदों के लिए 3087 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। जिसमें से लिखित परीक्षा के लिए टीचिंग पदों पर 382 और नॉन टीचिंग के लिए 2243 अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्रों के आधार पर लिखित परीक्षा के लिए चयनित किया गया। लिखित परीक्षा में टीचिंग पदों के लिए 153 और नॉन टीचिंग पदों पर 244 का चयन साक्षात्कार के लिए हुआ।
साक्षात्कार के बाद अंतिम चयन के रूप में टीचिंग के पदों पर इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभागों के लिए 3-3 असिस्टेंट प्रोफेसर, कंप्यूटर साइंस और गणित विभाग के लिए दो-दो, सिविल इंजीनियरिंग में एक तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग में एक एसोसिएट प्रोफेसर का स्थायी रूप से चयन किया गया है। नॉन टीचिंग पदों पर टेक्नीशियन और असिस्टेंट टेक्नीशियन पदों पर 4-4, मल्टी टास्किंग और अकाउंटेंट पदों पर 2-2, लैब असिस्टेंट, सुपरिटेंडेंट और जूनियर असिस्टेंट, सीनियर असिस्टेंट के एक-एक पद पर चयन किया गया।
एनआईटी को मिले पांच अधिकारी
एनआईटी के लिए छह अधिकारियों के पदों पर हुए साक्षात्कार में पांच अधिकारियों का चयन कर लिया गया है। चयनित अधिकारियों में सहायक कुलसचिव के पद पर विनीता नेगी और भोले शंकर, सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष गरिमा सनामन, मेडिकल ऑफीसर के पद पर डा. मंदीप तथा स्पोर्ट्स ऑफीसर के पद पर मुकुल पंत का चयन किया गया है।
– वर्ष 2010-11 और 2011-12 के लिए स्वीकृत पदों पर नियुक्ति कर ली गई है। इस वर्ष के लिए स्वीकृत होने वाले पदों के लिए भी प्रतीक्षा सूची रखी गई है। जैसे-जैसे पदों का सृजन होगा, प्रतीक्षा सूची में शामिल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भेज दिए गए हैं। एनआईटी के अध्यक्ष की सभी स्थायी नियुक्तियों के लिए मुहर लग चुकी है। उसके बाद ही सभी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भेजे गए हैं। – प्रो. एचपी थोराट, निदेशक एनआईटी श्रीनगर।
