एचपीसीए, पूर्व डीजीपी मामले की सुनवाई टली

शिमला। एचपीसीए के अधीन क्रिकेट अकादमी लालपानी और पूर्व डीजीपी डीएस मन्हास के खिलाफ चल रहे अवैध निर्माण के मामलों की सुनवाई शनिवार को टल गई। अब 30 नवंबर को दोनों मामलों की सुनवाई होगी। पूर्व डीजीपी की ओर से पेश हुए वकील ने जिला कचहरी के वकीलों की हड़ताल का तर्क दिया जबकि एचपीसीए के प्रतिनिधियों ने स्वयं पेश होकर मामले से जुड़ी आरटीआई के जवाब आने तक ही मोहलत मांगी।
एचपीसीए पर ग्रीन बैलट एरिया होने के बावजूद बिना अनुमति चार मंजिला भवन निर्माण करने का आरोप है। वहीं, पूर्व डीजीपी डीएस मन्हास और मंजू मन्हास पर नवबहार में अवैध निर्माण करने का आरोप है। निगम की रिपोर्ट में बिना नक्शा स्वीकृति के दो मंजिलें अवैध पाई गई हैं। उधर, निगम आयुक्त के कोर्ट में शनिवार को अवैध निर्माण से जुड़े 62 मामलों की सुनवाई हुई। पंथाघाटी और नॉर्थ ओक में लगे मोबाइल टावरों का हटाया जाना तय हो गया है। 2 नवंबर को इसके आदेश जारी होंगे।
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हेडगेवार समिति ने दायर किया जवाब
निगम आयुक्त के कोर्ट में शनिवार को नाभा में डा. हेडगेवार स्मारक समिति भवन को जोड़ने वाले पुल को लेकर भी सुनवाई हुई। समिति के अध्यक्ष देस राज चड्ढा सुनवाई में पेश हुए। समिति की ओर से कोर्ट में जवाब दायर कर दिया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी। समिति पर बिना अनुमति पुल और एक कमरा बनाने का आरोप है। समिति को नोटिस देकर जवाब तलब किया गया था।

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