एचआरटीसी में स्वच्छता-बीमा शुल्क के नाम पर यात्रियों से अतिरिक्त वसूली, जताया कड़ा विरोध

हमीरपुर
HRTC take hygienic and insurance charge from passengers
हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में यात्रियों से स्वच्छता और इंश्योरेंस के नाम पर अतिरिक्त वसूली की जा रही है। निगम की बसों में इस वसूली का यात्रियों ने कड़ा विरोध जताया है। सफर के दौरान यात्रियों को चार रुपये इंश्योरेंस और एक रुपये स्वच्छता शुल्क के तौर पर बस परिचालक को देने पड़ रहे हैं, जबकि प्रदेश में चलने वाली दूसरे राज्यों की बसों और निजी बसों में इस तरह का कोई शुल्क वसूल नहीं किया जा रहा। निगम की बसों में इस वसूली से परेशान अधिकतर यात्री निजी बसों में सफर करना पसंद कर रहे हैं। इससे निगम को भी आर्थिक नुकसान हो रहा है।

परिवहन निगम पहले ही लोकल बस किराया पांच रुपये वसूल कर रहा है। अब अलग से पांच रुपये की वसूली करने पर यात्री भड़क गए हैं। यात्रियों में सुरेश शर्मा, विनोद शर्मा, प्रवेश ठाकुर, सुशील शर्मा, वंदना कुमारी, प्रियंका, सुरेखा और दीप्ति ने कहा कि निगम की बसों में इंश्योरेंस और स्वच्छता के नाम पर पांच से छह रुपये की अतिरिक्त वसूली गलत है। दूसरे राज्यों की तुलना में हिमाचल में पहले ही अधिक बस किराया वसूला जा रहा है।निगम की अधिकतर बसों की हालत बेहद खराब है। कइयों की खिड़कियों के शीशे बंद नहीं होते तो कई बसों में सीटें फटी मिलती हैं। सड़कों की खस्ताहालत के चलते साधारण बसों में धक्के खाने पड़ते हैं। पंजाब रोडवेज ने हिमाचल के लिए नई वातानुकूलित बसें शुरू की हैं।

हिमाचल सरकार को भी इस तरह साधारण बस किराये पर वातानुकूलित बसें शुरू करनी चाहिए। उधर, एचआरटीसी हमीरपुर डिपो के प्रबंधक विवेक लखनपाल ने कहा कि परिवहन निगम प्रबंधन के आदेशों के अनुसार ही यात्रियों से इंश्योरेंस और स्वच्छता शुल्क बस किराया के साथ वसूला जाता है। लोकल रूटों पर इस तरह के शुल्क नहीं वसूले जाते।

काफी समय से हो रही वसूली
दैनिक रूप से सरकारी बसों में सफर करने वाले यात्रियों की मानें तो स्वच्छता और बीमा राशि की काफी समय से वसूली की जा रही है। टिकट पर बाकायदा स्वच्छता के लिए एक रुपया और जीवन बीमा के लिए चार रुपये लिखा होता है। किलोमीटर बढ़ने के साथ ही इस शुल्क को बढ़ा दिया जाता है।

1 से 10 किलोमीटर तक कोई शुल्क नहीं
परिवहन निगम के अधिकारियों का मानना है कि 1 से 10 किलोमीटर तक कोई राशि नहीं वसूली जाती है। 11 से 50 – 2 रुपये, 51 से 150 3 रुपये, 151 से 300 – 5 रुपये और इससे ऊपर 10 रुपये राशि वसूलने का प्रावधान है।

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