
शिमला। शुक्रवार रात बर्फबारी के बाद ऊपरी शिमला में परिवहन व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। शनिवार दोपहर 12 बजे तक ऊपरी शिमला राजधानी से कटा रहा। खड़ापत्थर, नारकंडा और चौपाल मार्ग बहाल न होने के कारण एचआरटीसी के 68 से अधिक रूट फेल हुए और करीब 38 बसें विभिन्न क्षेत्रों में फंसीं हैं।
बर्फबारी के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-22 नारकंडा के पास और ठियोग-हाटकोटी राजमार्ग खड़ापत्थर में बंद हो गया है। शिमला और ठियोग के बीच शनिवार को दोपहर बारह बजे के बाद बसों की आवाजाही शुरू हो पाई। राष्ट्रीय राजमार्ग -22 पर बर्फ जमी होने के कारण वाहन चालकों को जान जोखिम में डालनी पड़ी। एचआरटीसी ने ट्रायल के लिए सुबह नौ बजे शिमला से ठियोग की ओर बस भेजी जो कुफरी के पास बर्फ में स्किड हो गई। ऊपरी क्षेत्रों से शिमला की ओर आ रही बसें भी फागू, कुफरी और छराबड़ा में फंसीं रहीं। राष्ट्रीय राजमार्ग-22 पर बर्फ के कारण एचआरटीसी को ठियोग से होते हुए नाइट बस सर्विस भी बंद करनी पड़ी।
ऊपरी शिमला में बसों की आवाजाही प्रभावित : सेन
बर्फबारी के बाद ऊपरी शिमला में एचआरटीसी बसों की आवाजाही प्रभावित हुई है। खड़ापत्थर, नारकंडा और चौपाल रूटों पर अधिक दिक्कत पेश आ रही है। कुफरी के पास सड़क पर बर्फ के कारण गाड़ियां स्किड हो रही हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्गों से बसें भेजी जा रही हैं।
– अनिल सेन
मंडलीय प्रबंधक, एचआरटीसी
रामपुर को बसें वाया बसंतपुर
नारकंडा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग – 22 बंद होने के कारण एचआरटीसी की नाइट सर्विस बसें वाया बसंतपुर रवाना की गईं। रामपुर डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक गुरुवचन सिंह ने बताया कि नारकंडा में सड़क पर बर्फ जमी है जिस कारण बसों के स्किड होने का खतरा है। एहतियात के तौर पर नाइट सर्विस वाया बसंतपुर चलाई जाएगी।
छराबड़ा से फागू तक शीशा बनी सड़क
राष्ट्रीय राजमार्ग -22 पर छराबड़ा से लेकर फागू तक सड़क शीशे में तबदील हो गई है। छराबड़ा और आईएचएम के बीच सड़क पर भारी फिसलन है। शिमला से 16 किलोमीटर दूर कुफरी से फागू के बीच सड़क पर कई स्थानों पर रेत मिट्टी नहीं डाली गई है जिस कारण वाहन स्किड हो रहे हैं। टूरिस्ट वाहन स्किड होने के कारण बार-बार जाम की स्थिति पैदा हो रही है।
कहां कितनी बसें फंसीं
चौपाल 24
खड़ापत्थर 9
नारकंडा 3
रोहड़ूू 2
