
परिवहन मंत्री जीएस बाली ने प्रैस वार्ता में बताया कि निगम प्रबंधन अनुबंध पर लगे चालकों व परिचालकों को 3 साल पूरे करने पर 300 रुपए, 4 साल के बाद 400 रुपए, 5 साल के बाद 500 रुपए इन्क्रीमैंट दी जाएगी। इसके अलावा टीएमपीए का 2 साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्हें 500 रुपए की इन्क्रीमैंट दी जाएगी। यह इन्क्रीमैंट इन्हें 5 वर्ष तक दी जाएगी।
153 जूनियर असिस्टैंट आफिसर की होगी नियुक्ति
जीएस बाली ने बताया कि बैठक में निगम ने 153 जूनियर असिस्टैंट आफिसर आई.टी. के पद भरने का निर्णय लिया गया है जिसमें से 53 पद सीधी भर्ती, बाकी के पद प्रमोशन व एल.डी.आर. से भरे जाएंगे। इसके अलावा निगम में 60 डाटा एंट्री आप्रेटर भी आऊटसोर्स पर रखे जाएंगे। निगम ने पूरे प्रदेश में 7 ढाबे शुरू किए हैं, जहां लोगों को बेहतर व सही दरों पर खाना उपलब्ध करवाया जा रहा है। ये ढाबे हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी, पालमपुर, ऊना व धर्मशाला में खोले गए हैं। इस दौरान निगम ने कार्यकारी निदेशक की अध्यक्षता में कमेटी भी गठित की है जो प्रदेश में इसके लिए जगहों का चयन करेगी।
19 बस स्टैंड पर मिलेगी वाई-फाई की सुविधा
जीएस बाली ने बताया कि अब प्रदेश के 19 बस स्टैंड पर लोगों को वाई-फाई की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए रिलायंस कंपनी के साथ करार हुआ है। आधे घंटे तक लोगों को यह सुविधा दी जाएगी। परिवहन मंत्री ने बताया कि इस दौरान निगम की केएमपीएल 3.62 से बढ़कर 3.64 हुई है। इससे निगम को 20 लाख रुपए प्रति माह का फायदा पहुंचा है। उन्होंने बताया कि डीजल को लेकर निगम ने आईओसी के साथ करार किया है। इससे भी निगम को 25 करोड़ रुपए की बचत हुई है। इसके साथ ही इस बार निगम को 85 करोड़ रुपए का फायदा हुआ है।
टांका लगाने वालों की रुकेगी इन्क्रीमैंट
परिवहन मंत्री ने कहा कि टांका लगाने वाले परिचालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, यहां तक कि उनकी इन्क्रीमैंट भी रोकी जा सकती है। इसके अलावा इस दौरान एमडी की अध्यक्षता में कमेटी भी बनाई जाएगी जो टांका लगाने वालों पर चैक रखेगी और पता चलने पर ऐसे परिचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। वर्दी न पहनने वाले चालकों व परिचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
चालक-परिचालक को भी दी जाएगी इन्क्रीमैंट
परिवहन मंत्री ने बताया कि निगम में बेहतर सेवाएं देने वाले चालक व परिचालक को 2 साल बाद 100 रुपए की इन्क्रीमैंट लगाई जाएगी। ये इन्क्रीमैंट ऐसे चालकों को दी जाएगी जिनके 2 साल के कार्यकाल में कोई बस दुर्घटना न हुई है। काम-चोरों पर निगम शिकंजा कसेगा। इसके लिए भी निगम ने कमेटी गठित की है जो ऐसे कामचोरों की सूची बनाएगी।

