एक ही रात में टूटे तीन मंदिरों के ताले

बिलासपुर। कलियुग में भगवान का घर भी सुरक्षित नहीं है। इस स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों में बने मंदिर चोरों के मुख्य निशाने पर हैं। इसी कड़ी में गत शनिवार रात अज्ञात चोरों ने राजपुरा व कल्लर पंचायतों में कुल तीन मंदिरों के ताले तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। करीब पचास हजार रुपए के सासान की चोरी हुई है। एक ही रात में तीन मंदिरों में चोरी होने से लोग हैरान हैं।
जानकारी के अनुसार राजपुरा पंचायत के नोआ गांव में स्थित काली माता व हिडिंबा देवी के मंदिरों में गत शनिवार रात अज्ञात चोरों ने ताले तोड़कर चोरी की। काली माता के मंदिर से चोर सोने की बाली, चांदी का छत्र व जोत उड़ा ले गए। हिडिंबा देवी मंदिर में उन्होंने सोने की बाली व चांदी के चरण समेत कुछ अन्य सामग्री चुरा ली। मंदिरों का दानपात्र भी वे साथ लेकर चलते बने। इसी तरह कल्लर पंचायत के नयना मां मंदिर में भी गत शनिवार रात ही चोरी हुई।
ग्रामीणों को मंदिरों में चोरी का पता रविवार सुबह चला। पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचने पर वहां ताले टूटे देख लोग हतप्रभ रह गए। उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। राजपुरा पंचायत प्रधान सतदेव शर्मा ने कहा कि काली माता मंदिर के साथ ही सगीरठीं में जालपा माता मंदिर में पहले भी चोरी हो चुकी है। चोरों का आज तक कोई सुराग नहीं चल पाया है। उधर, इस बारे डीएसपी हेडक्वार्टर प्रताप ठाकुर ने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

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पुलिस के लिए मुश्किल हो रहा चोरियां रोकना
बिलासपुर। मंदिरों में चोरी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाना पुलिस के लिए बेहद मुश्किल साबित हो रहा है। दरअसल, आस्था व श्रद्धा के चलते गांवों में लोग कई मंदिर बना देते हैं। ज्यादातर मंदिर एकांत स्थलों पर होते हैं। ऐसे में प्रत्येक मंदिर की रखवाली करना पुलिस के लिए भी एक तरह से नामुमकिन है। पुलिस का सुझाव है कि पुजारी अथवा मंदिर कमेटी के नुमाइंदे रात को चढ़ावा राशि व गहनों जैसी कीमती सामग्री अपने घर ले जाएं। अगले दिन सुबह सारी सामग्री दोबारा मंदिर में लाई जा सकती है।

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