एक हजार की पगार में कैसे होगा गुजारा

पधर (मंडी)। शिक्षा खंड द्रंग दो के मिड डे मील कार्यकर्ताओं की बैठक शनिवार को सीनियर सेकेंडरी स्कूल पधर के खेल मैदान में हुई। इसकी अध्यक्षता सीटू के जिला उपाध्यक्ष एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य रविकांत ने की। बैठक में 130 कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें कार्यकर्ताओं का लगातार शोषण करती आ रही हैं। सरकार मिड डे मील कार्यकर्ताओं को मात्र 1000 रुपये मासिक पगार दे रही हैं। महंगाई के इस दौर में आंशिक धनराशि से दोपहर का भोजन बनाने और और परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो गया है। इस मुद्दे को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार जरा भी गंभीर नहीं।
उन्होंने कहा कि दोपहर का भोजन पकाने के लिए कार्यकर्ताआें को पहले सरकार 150 रुपये से 200 रुपये प्रतिमाह देती थी। पगार बढ़ाने को लेकर सीटू के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने संघर्ष किया, जिसके फलस्वरूप कार्यकर्ताओं को आज एक हजार मिल रहा है। लेकिन महंगाई के इस दौर में यह राशि नाकाफी है। कहा कि 12 दिसंबर को दिल्ली में हुई रैली में हजारों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
कार्यकर्ताओं की मांग को केंद्र सरकार से प्रभावी ढंग से उठाया गया, लेकिन न केंद्र सरकार इस पर गंभीर है और न ही राज्य सरकार। 16 जनवरी को सीटू पधर में दोपहर भोजन कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों को लेकर दोबारा प्रदर्शन करेगा। कार्यकर्ताआें का मानदेय नहीं बढ़ाता है और उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं करती है तो इसका खामियाजा लोस चुनाव में केंद्र और प्रदेश सरकार को भुगतना होगा। उन्होंने मांग की है कि मिड डे मील वर्करों का न्यूनतम वेतन दस हजार किया जाए। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा रसोई गैस के दामों में की गई रिकार्ड तोड़ वृद्धि को भी वापस लेने की मांग की है। इस वृद्धि को वापस नहीं लिया तो सरकार के खिलाफ जन आंदोलन चलाया जाएगा।

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