एक साल में ही हांफने लगी पेयजल योजना

नयनादेवी (बिलासपुर)। भाखड़ा-माकड़ी पेयजल योजना हांफने लगी है। लगभग पौने दो करोड़ रुपए की लागत से निर्मित इस योजना को अभी मुश्किल से एक वर्ष हुआ है, लेकिन यह जवाब देने लगी है। इस स्कीम के अंतर्गत आने वाले इलाकों में पानी की आपूर्ति बीते करीब दस दिनों से ठप है। ऐसे में लोगाें को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी के लिए हाहाकार की स्थिति है।
भाखड़ा-माकड़ी पेयजल योजना का निर्माण लगभग एक वर्ष पूर्व हुआ था। करीब पौने दो करोड़ रुपए लागत से योजना के बनने से लोगों को पेयजल समस्या से हमेशा के लिए निजात मिलने की उम्मीद बंधी थी, लेकिन एक साल में ही इसने जवाब दे दिया है। गरमी के बाद अब बरसात का मौसम भी शुरू हो चुका है, लेकिन इस योजना से संबंधित गांवों में पानी की आपूर्ति बीते करीब दस दिन से ठप है।
ग्रामीणों रणजीत सिंह चंदेल, निर्मला देवी, संजीव चंदेल, हरि सिंह ठाकुर, अजीब कुमार, रामस्वरूप, रविंद्र सिंह व गुरपाल आदि ने कहा कि करोड़ों रुपएअ की लागत से बनी स्कीम का एक साल में ही हांफ जाना हैरान करने वाला पहलू है। नलों में पानी न आने की वजह से उन्हें दूरदराज के स्थानों से पानी ढोना पड़ रहा है। इससे उनके रोजमर्रा के अन्य काम भी प्रभावित हो रहे हैं। लोग बूंद-बूंद के लिए मोहताज हो रहे हैं, लेकिन महकमे को इसकी कोई परवाह नहीं है।
उधर, इस बारे संपर्क साधने पर आईपीएच के कनिष्ठ अभियंता शेर सिंह चौहान ने कहा कि पंप मशीनरी में आई खराबी के कारण समस्या पैदा हुई है। मरम्मत करवाने के बाद उसकी फिटिंग की जा रही है। बुधवार से पानी की आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।

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