एक साल बाद और भव्य दिखेगा संकटमोचन मंदिर

The government approved the project
राजधानी शिमला के प्रवेश द्वार पर स्थित संकट मोचन मंदिर एक साल बाद नए रूप में नजर आएगा। जिला प्रशासन ने संकट मोचन मंदिर के विस्तार के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मास्टर प्लान को मंजूरी दे दी है।

संकट मोचन मंदिर में पहाड़ी शैली के दो भव्य गेट, मेडिटेशन के लिए ध्यान कुटीर, सत्संग और भजन करने के लिए कीर्तन भवन, ट्रस्ट की बैठकें आयोजित करने के लिए मीटिंग हाल और तीन मंजिला पार्किंग कांप्लेक्स बनाया जाएगा।

एसडीएम शिमला (ग्रामीण) जीएस नेगी ने बताया कि मंदिर के मुख्य गेट के सामने पार्किंग निर्माण किया जाना है लेकिन निर्माण स्थल पर पेड़ होने के कारण काम शुरू नहीं हो पा रहा। पेड़ काटने की मंजूरी मिलते ही पार्किंग निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा।

2 गेट और तीन मंजिला बनेगी पार्किंग

The government approved the project
पहाड़ी शैली में बनने वाले दो गेट संकट मोचन मंदिर की शोभा बढ़ाएंगे। गेट बनाने का काम किन्नौर के कारीगरों को सौंपा गया है। पहला गेट 5 लाख और दूसरा साढ़े तीन लाख की लागत से बनेगा।

संकट मोचन मंदिर में पार्किंग की समस्या हल करने के लिए प्रवेश द्वार पर तीन मंजिला पार्किंग बनाई जाएगी। पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने के बाद श्रद्धालु और सैलानी सीधे मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे।

5 ध्यान कुटीरों का भी होगा निर्माण

5 cottages will be build
मंदिर परिसर में पांच ध्यान कुटीरों का निर्माण किया जाएगा। छोटे कमरों को ध्यान कुटीर के रुप में विकसित किया जाएगा। ध्यान कुटीर के सामने छोटा सा आंगन भी होगा।

संकट मोचन मंदिर में एक करोड़ पचीस लाख रुपये की लागत से कीर्तन भवन भी बनाया जाएगा। दो मंजिला कीर्तन भवन में साधु महात्माओं के ठहरने के लिए पांच कमरे भी बनेंगे।

इसके अलावा ट्रस्ट की बैठकों सहित अन्य आयोजनों के लिए मंदिर परिसर में एक मीटिंग हाल बनना भी प्रस्तावित है। आवश्यकतानुसार मीटिंग हाल का प्रयोग धार्मिक अनुष्ठानों के लिए भी किया जाएगा।

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