
बिलासपुर(सोनू शर्मा)लगभग 15 हजार की आबादी वाले बिलासपुर शहर में पेयजल संकट दूर नहीं हुआ है। नौण बोरवेल की खराब हुई मोटर लगभग एक सप्ताह से ठीक नहीं हुई। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्न उठने लगे हैं। आईपीएच महकमे ने शहर में पानी की राशनिंग शुरू कर दी है। कहीं आधा घंटा तो कहीं एक घंटे ही पानी दिया जा रहा है। कई इलाकों में तो पांच से दस मिनट ही पानी मिल रहा है। शहर वासियों को जल संकट से जूझना पड़ रहा है।
बिलासपुर के डियारा सेक्टर में सबसे अधिक पानी की दिक्कत है। शहर के मेन मार्केट, हाउसिंग बोर्ड कालोनी, रौड़ा, वीआईपी कालोनी समेत पूरे शहर में मोटर की खराबी की वजह से पानी की आपूर्ति घट गई है। नोग नाले की पेयजल योजना से पानी जोड़कर लोगों को आपूर्ति की जा रही है, किंतु यह पर्याप्त नहीं है। लोगों पीने और भोजन पकाने के लिए भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है। हाउसिंग बोर्ड कालोनी के पार्षद कमल गौतम कहते हैं कि पानी की आपूर्ति घट गई है। मुश्किल से एक दिन में आधा घंटे पानी आ रहा है। ऐसे में बर्तन, कपडे़ धोना और नहाना तो दूर भोजन पकाना तक मुश्किल हो गया है। रौड़ा के अशोक के अनुसार उनके इलाके में भी पानी लगभग आधा घंटे ही छोड़ा जा रहा है। यही हाल मेन मार्केट का भी है। डियारा के लोगों का कहना है पानी की आपूर्ति पिछले काफी दिनों से घट रही है। डियारा में सबसे अधिक पेयजल किल्लत है। क्योंकि नौण की सप्लाई पर ही यह इलाका निर्भर है।
आईपीएच महकमे की लापरवाही कहें या फिर अव्यवस्था। यदि किसी बोरवेल या पंप की मोटर खराब हो जाती है तो उसे ठीक करने में कई दिन लगते हैं। यहां भी ऐसा ही हुआ है। मोटर पिछले काफी दिनों से खराब चल रही है। अभी तक यह दुरुस्त नहीं हुई है।
आईपीएच के एसडीओ सुखराम चौधरी ने बताया कि मोटर ठीक करवाई जा रही है। आज शाम तक ही इसके ठीक होने की संभावना है। यह योजना आउटसोर्सिंग पर है। मोटर में लगने वाली तार नहीं मिलने से दिक्कत हो रही है।
