
शिलाई (सिरमौर)। विधानसभा के अंतर्गत आने वाला राजकीय उच्च विद्यालय खड़कांह मात्र एक अध्यापक के सहारे चल रहा है। यहां पढ़ने वाले 200 छात्रों के अविभावकों को अपने बच्चों के भविश्य की चिंता सता रही है। इस स्कूल में अंग्रेजी, विज्ञान व गणित जैसे महत्वपूर्ण विषय को पढ़ाने वाले अध्यापकों के पद रिक्त हैं। मात्र एक शास्त्री के भरोसे यह स्कूल चल रहा है, जिसके पास मुख्यअध्यापक के अतिरिक्त कार्यालय के अन्य कार्यभार भी हैं। ऐसे में पढ़ाई प्रभावित होना लाजमी है। उच्च विद्यालय खड़कांह स्कूल प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष कृपाराम, खड़कांह निवासी रमेश शर्मा, अन्नतराम शर्मा, जीवाराम शर्मा, महेंद सिंह शर्मा आदि का कहना है कि इस पाठशाला में खड़कांह, थुंवाड़ी, देवनल, शखौली, खाड़ी, चोराटा सहित आठ गांव के 200 छात्र पढ़ते हैं। इन्हें पढ़ाने वाला मात्र एक अध्यापक है। ऐसे में छात्रों का भविष्य अधर में लटका है। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग से मंाग कि है कि या तो यहां अध्यापक भेजे जाएं या फिर स्कूल को बंद कर दिया जाए। अन्यथा स्कूल में शिक्षा के नाम पर छात्रों का भविष्य बर्बाद हो जाएगा। इस संबंध में जिला प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक केएस नेगी ने पदों के रिक्त होने की पुष्टि करते हुए बताया कि खाली पदों का ब्यौरा प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय शिमला को भेज दिया गया है।
