
रामपुर बुशहर। खनेरी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं रामभरोसे चल रही हैं। आलम यह है कि खनेरी अस्पताल में चिकित्सकों के पद रिक्त होने के चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, अस्पताल में एक बिस्तर पर दो-दो मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। ऐसे में एक बिस्तर पर भर्ती दो लोगों को अगर गलती से एक-दूसरे के इंजेक्शन या दवाइयां दे दी जाती हैं तो किसी को भी जान से हाथ धोना पड़ सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर किसी की जान चली जाए तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?
रामपुर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का गृह क्षेत्र है, वहीं मुख्य संसदीय सचिव (स्वास्थ्य) भी यहां से संबंध रखते हैं बावजूद इसके यहां स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। खनेरी अस्पताल में मरीजों को बिस्तर नहीं मिल पा रहे हैं। एक बिस्तर पर दो महिलाओं को भर्ती किया जा रहा है। मरीजों के साथ आए परिजनों मनोज कुमार, सोहन सिंह, प्रेम लता और बीरबल नेगी का कहना है कि अस्पताल में एक बिस्तर पर दो मरीज भर्ती किए गए हैं। इससे उपचार में परेशानियां पेश आ रही हैं।
एसएमओ डॉ. अजीत नेगी का कहना है कि अस्पताल में बिस्तर कम हैं। इसके चलते मजबूरी में एक बिस्तर पर दो-दो मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।
