
मंडी। सर्दियों के मौसम में हर साल आग की घटनाओं से जिंदगी भर की कमाई आग की भेंट चढ़ रही है। इस सीजन में अब तक तीन बड़ी घटनाओं में लाखों की संपत्ति स्वाह हो गई। दस विधानसभा क्षेत्रों में आग की घटनाओं से निपटने के लिए कोई ठोस पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। मात्र जिला मुख्यालय मंडी तथा जोगिंद्रनगर उपमंडल में ही फायर ब्रिगेड की सुविधा है। सुंदरनगर तथा पंडोह में जलविद्युत परियोजना के फायर स्टेशन हैं।
छोटी से चिंगारी के कारण जिंदगी भर की कमाई आग की भेंट चढ़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर मकान इमारती लकड़ी तथा स्लेट से बने होते हैं। घरों में पशुचारे के लिए सूखा घास तथा जलाने की लकड़ी रखी होती है। इस सर्दियों के सीजन में अब तक जिले में आग की तीन बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। जिले के किसी भी कोने में अगर आग की घटना होती है तो जिला मुख्यालय मंडी से फायर ब्रिगेड को मौके पर जाना पड़ता है। मंडी से दुर्गम क्षेत्रों तक फायर ब्रिगेड पहुंचने में काफी वक्त लगता है। तब तक सब कुछ स्वाह हो जाता है। जिला अग्निमशन अधिकारी संत राम ने कहा कि जिले में मंडी तथा जोगिंद्रनगर में फायर स्टेशन है। घटना पर मंडी से ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर भेजी जाती है।
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इस सीजन में कब- कहां हुई घटना
-18 नवंबर को सदर तहसील की ग्राम पंचायत नवलाया के पारनू गांव में भीषण अग्निकांड में पांच परिवारों की 155 भेड़ बकरियां आग की भेंट चढ़ गई। राजस्व विभाग की ओर से करीब 10 लाख का नुकसान आंका गया।
-17 दिसंबर को द्रंग विधानसभा क्षेत्र की कोट ढलयास पंचायत के भुटठी गांव में भीषण अग्निकांड से चार मंजिला मकान जल कर स्वाह हो गया। गौशाला में बंधे डेढ़ सौ से अधिक मवेशी जल गए थे।
– 31 दिसंबर को सरकाघाट क्षेत्र की जमणी पंचायत के भदरोही गांव में आग से दो मंजिला मकान जल कर राख हो गया। इस मकान में छह परिवारों के 32 कमरे थे।
