एक दिवसीय किसान कार्यशाला में बीमारियों की रोकथाम,प्रूनिंग की जानकारी दी गई।

शिमला
प्रतीकात्मक तस्वीर
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के क्षेत्रीय केंद्र के बागवानी फार्म ढांडा में शुक्रवार को एक दिवसीय किसान कार्यशाला में ऋतु में लगने वाले शीतोष्ण फलों के पौधों को लगाने की विधि, बगीचों में बीमारियों की रोकथाम, पेड़ों की प्रूनिंग की जानकारी किसानों और बागवानों को दी गई। 125 पुरुष और 25 महिला किसानों ने भाग लिया।

शुभारंभ मुख्य चुनाव आयुक्त और पूर्व मुख्य सचिव पी मित्रा, विशेष अतिथियों हरीश कुमार और विवेक अग्रवाल विकासशील किसान उत्तराखंड ने केंद्र के अध्यक्ष डा. कल्लोल कुमार प्रमाणिक, डा. अरुण कुमार शुक्ला, प्रधान वैज्ञानिक और डाक्व. मधु पटियाल वैज्ञानिक की मौजूदगी में किया। इस मौके पर डॉ. मोहर सिंह प्रभारी राष्ट्रीय पादप अनुवांशिकी संसाधन ब्यूरो क्षेत्रीय केंद्र भी मौजूद रहे।

अध्यक्ष डॉ. कल्लोल कुमार प्रमाणिक ने मुख्य अतिथि विशेष अतिथि और किसानों, बागवानों को इस किसान कार्यशाला में पधारने के लिए स्वागत किया। डॉ. अरुण कुमार शुक्ला ने गड्ढा तैयार करने और क्यारियां बनाना की विधि, खाद प्रयोग करने और पौधों की ट्रेनिंग और प्रूनिंग की विधि के बारे में किसानों और बागवानों को जानकारी दी। डॉ. मधु पटियाल ने किसानों को गेहूं और जौ को वैज्ञानिक विधि से उगाने के बारे में अवगत कराया। किसान और बागवानों ने प्रश्नोत्तरी काल के दौरान बढ़-चढ़कर भाग लिया।

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